उत्तर प्रदेश: 'हर घर तिरंगा' अभियान से जुड़ी 30,000 महिलाएं, बना चुकी हैं 1.90 करोड़ झंडे
स्वतंत्रता दिवस के जश्न से पहले उत्तर प्रदेश में 'हर घर तिरंगा' अभियान ग्रामीण महिलाओं के लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता का एक बड़ा अवसर लेकर आया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, योगी सरकार की इस पहल ने…
स्वतंत्रता दिवस के जश्न से पहले उत्तर प्रदेश में 'हर घर तिरंगा' अभियान ग्रामीण महिलाओं के लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता का एक बड़ा अवसर लेकर आया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, योगी सरकार की इस पहल ने ग्रामीण आजीविका मिशन को सीधे राष्ट्रव्यापी उत्सव से जोड़ा है, जिसके तहत स्वयं सहायता समूहों (SHG) की महिलाएं बड़े पैमाने पर राष्ट्रीय ध्वज तैयार कर रही हैं।
प्रदेश के करीब 6,000 स्वयं सहायता समूहों की लगभग 30,000 महिलाओं को दो करोड़ तिरंगे बनाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अब तक वे 1.90 करोड़ झंडों का निर्माण पूरा कर चुकी हैं। इन तैयार झंडों को अब ग्राम पंचायतों और अन्य संस्थाओं के माध्यम से घर-घर तक पहुंचाने का काम किया जाएगा, ताकि स्वतंत्रता दिवस पर हर घर पर तिरंगा फहराया जा सके।
दोहरे उद्देश्य की पूर्ति
यह अभियान एक साथ दो लक्ष्यों को साध रहा है। एक ओर जहां यह देशभक्ति की भावना को मजबूत करते हुए हर घर तक राष्ट्रीय ध्वज पहुंचा रहा है, वहीं दूसरी ओर यह ग्रामीण महिलाओं को रोजगार देकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बना रहा है। महिलाएं झंडे की सिलाई से लेकर उसे अंतिम रूप देने तक के हर चरण में शामिल हैं।
अधिकारियों ने किया निरीक्षण
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) के मिशन निदेशक अरुण कुमार ने मंगलवार को लखनऊ के चिनहट ब्लॉक की जुग्गौर और सिकन्दरपुर ग्राम पंचायतों का दौरा कर झंडा निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां काम कर रही महिलाओं से बातचीत कर काम की गुणवत्ता को परखा। इन पंचायतों में तुलसी मां, छोटे साहब और बजरंगबली स्वयं सहायता समूहों को 1.50 लाख झंडे बनाने का लक्ष्य दिया गया था, जिसमें से 1.30 लाख से अधिक का निर्माण हो चुका है।
अरुण कुमार ने कहा, "हर घर तिरंगा अभियान केवल राष्ट्रभक्ति का प्रतीक नहीं है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण का भी प्रभावी माध्यम बना है।" उन्होंने आगे कहा कि महिलाएं अपने परिश्रम से इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने के साथ-साथ 'आत्मनिर्भर भारत' में भी अपना योगदान दे रही हैं। सरकार का लक्ष्य इन महिलाओं को सिर्फ इस अभियान तक सीमित न रखकर, साल भर आय देने वाली अन्य गतिविधियों से भी जोड़ना है।
इनपुट: IANS



