लखनऊ-कानपुर हाईवे: ₹4200 करोड़ की सड़क उद्घाटन के बाद धंसी, कांग्रेस ने राज्यपाल से उच्चस्तरीय जांच की मांग की
हाल ही में जनता के लिए खोले गए लखनऊ-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग की खराब गुणवत्ता को लेकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने राजभवन का दरवाजा खटखटाया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने राज्यपाल को एक पत्र…
हाल ही में जनता के लिए खोले गए लखनऊ-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग की खराब गुणवत्ता को लेकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने राजभवन का दरवाजा खटखटाया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने राज्यपाल को एक पत्र लिखकर इस मामले में उच्चस्तरीय और स्वतंत्र तकनीकी जांच की मांग की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, राय ने राज्यपाल से इस मुद्दे को प्रधानमंत्री और केंद्रीय स्तर पर उठाने का भी आग्रह किया है।
कांग्रेस का आरोप है कि लगभग 4,200 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बने इस राजमार्ग की हालत उद्घाटन के कुछ ही दिनों में बिगड़ने लगी। अजय राय ने अपने पत्र में दावा किया है कि सड़क कई जगहों पर धंस रही है, बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, और पुलों के साथ-साथ क्रैश बैरियर में भी दरारें आ गई हैं।
निर्माण की गुणवत्ता और जवाबदेही पर सवाल
अजय राय ने इस बात पर हैरानी जताई कि हजारों करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क इतनी जल्दी कैसे खराब हो गई। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ निर्माण की गुणवत्ता का सवाल नहीं, बल्कि जनता के पैसे के सही इस्तेमाल और उसकी निगरानी से जुड़ा एक गंभीर मामला है। कांग्रेस ने दावा किया है कि सड़क की खराब हालत के कारण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को मरम्मत पूरी होने तक टोल वसूली रोकनी पड़ी, जिससे करीब 575 करोड़ रुपये का राजस्व घाटा होने का अनुमान है।
दुर्घटना और राजनीतिक संबंधों के आरोप
पार्टी ने यह भी याद दिलाया कि 13 जुलाई को हुए भव्य उद्घाटन के महज दो दिन बाद ही इस राजमार्ग पर एक गंभीर दुर्घटना में एक बाइक सवार की मौत हो गई थी। अजय राय ने निर्माण करने वाली कंपनी के राजनीतिक संबंधों की ओर भी इशारा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी का संबंध भाजपा के एक राज्यसभा सांसद के परिवार से है, और इसी वजह से उसे बचाने का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस ने मांग की है कि निर्माण एजेंसी, संबंधित मंत्रालय और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
अजय राय ने राज्यपाल से आग्रह किया कि वे इस मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के सामने इसे उठाएं। उन्होंने कहा कि जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि इतनी बड़ी परियोजना इतने कम समय में क्यों विफल होने लगी। कांग्रेस ने कहा है कि अगर जांच में कोई भी लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
इनपुट: IANS



