पंचायत में महिला प्रतिनिधियों की भूमिका बढ़ाने की पहल, सरकार ने लॉन्च किया विशेष प्रशिक्षण अभियान
पंचायती राज संस्थाओं में महिला जनप्रतिनिधियों की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें सशक्त बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने एक विशेष प्रशिक्षण अभियान शुरू किया है। 'सशक्त पंचायत नेत्री अभियान' नाम की इस…
पंचायती राज संस्थाओं में महिला जनप्रतिनिधियों की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें सशक्त बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने एक विशेष प्रशिक्षण अभियान शुरू किया है। 'सशक्त पंचायत नेत्री अभियान' नाम की इस पहल का लक्ष्य महिलाओं को ग्रामीण शासन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी और व्यावहारिक कौशल देना है, ताकि वे अपनी जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभा सकें। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह जानकारी पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह ने लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में दी।
मंत्री राजीव रंजन सिंह ने बताया कि इस अभियान से महिलाओं के नेतृत्व वाली शासन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि घरेलू जिम्मेदारियां, सामाजिक झिझक और चर्चाओं के दौरान पुरुषों का वर्चस्व जैसे कारक ग्राम पंचायतों में महिलाओं की सीमित भागीदारी के कुछ प्रमुख कारण हैं।
ग्राम सभा में कम भागीदारी के कारण
सरकार ने राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान (एनआईआरडीपीआर) द्वारा किए गए एक राष्ट्रीय अध्ययन का भी हवाला दिया। इस रिपोर्ट में ग्राम सभाओं में आम तौर पर कम भागीदारी के कई कारणों की पहचान की गई है। इनमें आजीविका से जुड़ी बाधाएं, जागरूकता की कमी, कमजोर संचार व्यवस्था, शिकायतों पर अपर्याप्त कार्रवाई, और प्रशासनिक पारदर्शिता का अभाव जैसे मुद्दे शामिल हैं। साथ ही, संबंधित विभागीय अधिकारियों की अनुपस्थिति और बैठकों में उठाए गए मुद्दों पर उचित फॉलो-अप न होना भी बड़ी वजहें हैं।
ग्राम सभा को मजबूत करने के उपाय
मंत्री ने सदन को यह भी बताया कि पंचायती राज मंत्रालय ग्राम सभाओं को अधिक सहभागी और जवाबदेह बनाने के लिए लगातार कदम उठा रहा है। इस दिशा में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इन उपायों में ग्राम सभा की बैठकों में प्रमुख सरकारी योजनाओं की जानकारी देना, बैठकों की संख्या बढ़ाना, न्यूनतम कोरम सुनिश्चित करना और नियमित एजेंडा तैयार करना शामिल है। इसके अलावा, ग्राम सभा से पहले अलग से वार्ड सभा और महिला सभा आयोजित करने पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोगों की उपस्थिति सुनिश्चित हो सके।
इनपुट: IANS



