एपीजे अब्दुल कलाम ने बाल मजदूरी को समाप्त करने के लिए क्या उपाय बताए?
दुनिया मे बसे हर व्यक्ति का बचपन जीवन का सबसे खुशनुमा पल होता है । क्योंकि बचपन ही एक एसा समय हे जिसमे हम बिना घमंड के सब कुछ सीखते है ।
दुनिया मे बसे हर व्यक्ति का बचपन जीवन का सबसे खुशनुमा पल होता है । क्योंकि बचपन ही एक एसा समय हे जिसमे हम बिना घमंड के सब कुछ सीखते है । बच्चो का पूरा अधिकार हे की माता-पिता उनकी सही परवरिश करे, उन्हे अच्छी शिक्षा दिलाये, स्कूल मे भेजे ओर दोस्तों के साथ खेलने का पूरा समय दे । लेकिन बाल मजदूरी से इन फूल जैसे बच्चो का पूरा जीवन खराब हो जाता है ।हमारे देश के लिये ये जरूरी हे की देश की सबसे कीमती संपत्ति यानि हमारे बच्चों को संरक्षित किया जाए ।लेकिन आज यही बच्चे देश की शक्ति बनने के स्थान में देश की कमजोरी बन गए है ।

बाल मजदूरी एक ऐसा कड़वा सच है। जिस से भारत नहीं पूरी दुनिया ग्रस्त है । पूरे दुनिया के अनेक देशों में यह पाया जाती है यह बात अनेक सर्वेक्षण में पायी गई है।कृषि में बाल मजदूरी सबसे ज्यादा देखी गयी है। कृषि के अलावा भी कारखानों,भट्टी में बाल मजदूरों के रुप में बच्चों को काम करते हुए देखा जा सकता है। जो स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत खतरनाक है। भारत का संविधान बच्चों को वो सभी हक़ देता है जो की एक आम नागरिक को हैं।

तो फिर क्यों वो बच्चे खेलना,पढ़ना, छोड़ कर काम करने को विवश हैं। जिन हाथों में कलम पकड़ना था, वो क्यों कुदाल पकड़े हैं। उनके आँखों में पनपते सपनो को तोड़ने का जिम्मेदार कौन है। हमें यह समझना होगा क्यूँकि बच्चे देश का भविष्य ही नहीं वर्तमान भी है।पूरा विश्व ओर खास कर हमारे जैसे विकासशील देश के लिए बाल मजदूरी या बाल श्रम एक गंभीर विषय है । वर्तमान मे हम सबको इस विषय पर प्रकाश डालने की जरूरत है ।
क्योकि वर्तमान मे किए गए एक रिपोर्ट के मुताबिक कुल बाल मजदूरी के बच्चो मे से 50.2 प्रतिशत ऐसे बच्चे हैं जो हफ्ते के सातों दिन बिचारे काम करते हैं ओर 53.22 प्रतिशत बच्चे यौन उत्पीड़न के शिकार हैं ।लापरवाह माँ-बाप ओर कम पैसो में काम कराकर अपना फायदा बढ़ाने के लिये मालिक, इन प्यारे बच्चो से जबरजस्ती काम करवाते है ।भारत में तो ये एक सामाजिक मुद्दा है । देश को आजादी मिले बहोत साल हो गए फिर भी आज बाल मजदूरी हमारे लिए एक कलंक समान है । क्योकि यहा पे तो सब लोग समजते हे की यह तो सरकार की ज़िम्मेदारी है ।

अगर हम एसे ही सरकार पर लांछन उड़ते रहे ओर व्यक्तिगत तोर पर हमने कोई काम नहीं किया तो वो दिन भी दूर नहीं की हमारे बच्चे भी कही मजदूरी कर रहे होंगे ।एपीजे अब्दुल कलाम ने बाल मजदूरी को समाप्त करने के लिए कहा था की बाल श्रम को समाप्त करने के तरीकों में से एक है बच्चों को शिक्षित करना और उन्हें एक बेहतर रोजगार की आशा प्रदान करना। कई छोटे बच्चों को पेट भरने के लिए बाल मजदूरी में ले जाया जाता है? मध्याह्न भोजन कार्यक्रम इसे कुछ हद तक कम करेगा। स्वयं एक बच्चे के रूप में, शिक्षा-शास्त्र जैसे विद्यालयों में होना सौभाग्यशाली है, आप अपने क्षेत्र में तीन बच्चों को शिक्षित कर सकते हैं, जिन्हें अन्यथा बाल श्रम में धकेल दिया जाता।
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