रविवार, 28 जून 2026 · नई दिल्ली
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प्रोटीन ऊर्जा कुपोषण की रोकथाम के उपाय क्या है ?

प्रोटीन ऊर्जा कुपोषण बच्चों में प्रोटीन और कैलोरी की कमी से होने वाली गंभीर समस्या है। इसकी रोकथाम के लिए जन्म से 6 माह तक स्तनपान, फल-सब्जियां, दाल और अनाज जैसे पोषक आहार देना आवश्यक है।

प्रोटीन ऊर्जा कुपोषण की रोकथाम के उपाय क्या है ?

आपने आमतौर पर सुना होगा कि "पहला सुख निरोगी काया" अर्थात् इंसान की जिंदगी में सबसे बड़ा सुख उसका निरोगी रहना है. इसी कारण स्वास्थ्य को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल होते हैं. इसी तरह का एक सवाल जो आमतौर पर पूछा जाता है कि प्रोटीन ऊर्जा कुपोषण की रोकथाम के क्या उपाय हैं. अगर आपके मन में भी ऐसा ही सवाल है, तो इस पोस्ट में इसी सवाल का जवाब जानते हैं.

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1280px A malnourished child in an MSF treatment tent in Dolo Ado
प्रोटीन ऊर्जा कुपोषण

प्रोटीन ऊर्जा कुपोषण -

किसी भी समस्या से बचने के उपाय जानने से पहले हमारे लिए समस्या को समझना जरूरी हो जाता है. सबसे पहले कुपोषण शब्द की बात करें, तो जब हमारे शरीर को किसी तत्व की पर्याप्त मात्रा में पूर्ति नहीं होती है, उसे कुपोषण कहा जाता है. अगर प्रोटीन ऊर्जा कुपोषण जैसा कि नाम से ही स्पष्ट हो जाता है कि प्रोटीन और उर्जा की कमी. इसके कारण बच्चों को गंभीर समस्या या बीमारियों का सामना करना पड़ता है. प्रोटीन ऊर्जा कुपोषण को हम तीन प्रकारों में बांट सकते हैं. पहला - क्वाशियोरकोर (इसमें मुख्य रूप से प्रोटीन की कमी हो जाती है ), दूसरा- मैरास्मस (ऊर्जा या कैलोरी की कमी), तीसरा- Marasmic kwashiorkor ( इसमें ऊर्जा तथा प्रोटीन दोनों की कमी ) हो जाती है.

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प्रोटीन ऊर्जा कुपोषण

किस उम्र में अधिक होता है-

अगर क्वाशियोरकोर की बात करें, तो यह आमतौर पर 1 साल के बच्चों में प्रोटीन की कमी से होता है. मैरास्मस आमतौर पर 6 माह से 1 साल तक के बच्चों में अधिक पाया जाता है. तीसरे प्रकार का प्रोटीन ऊर्जा कुपोषण भी आमतौर पर इस उम्र ग्रुप के बच्चों में पाया जाता है.

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प्रोटीन ऊर्जा कुपोषण रोकथाम के उपाय-

इससे अपने बच्चों को बचाने के लिए हमें बच्चों को जन्म से लेकर 6 माह तक स्तनपान कराना चाहिेएं. 6 माह के बाद बच्चों को आलू व फल को मसल कर दें. इसके साथ ही बच्चे का वजन भी कराएं. ध्यान रखें कि शऱीर में रक्त और खनिज पदार्थों की कमी ना होने दें. ब्रेड, चावल , आलू ऊर्जा का महत्वपूर्ण स्त्रोत होते हैं, इनको भोजन में सम्मलित करें. प्रोटीन की कमी को दूर करने के लिए भी बच्चों को दाल का पानी या दाल खिला सकते हैं.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. News4social इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें।

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KJ

Kapil Jakhar

कपिल जाखड़ News4Social के कंटेंट राइटर हैं। वे समसामयिक घटनाक्रम, फ़ीचर और सामान्य ज्ञान से जुड़े विषयों पर लिखते हैं, और जानकारी को सरल व तथ्यपरक भाषा में प्रस्तुत करने पर ज़ोर देते हैं। सभी लेख देखें →

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