चंद्रगुप्त मौर्य के समय इस्लाम धर्म था क्या
चंद्रगुप्त मौर्य की बात करें तो इनका जन्म 340 ईसा. पूर्व में हुआ था. जहां तक इस्लाम धर्म के उद्य की बात करें तो इस्लाम धर्म का उद्य लगभग 613 इस्वी के आसपास…
चंद्रगुप्त मौर्य की बात करें तो इनका जन्म 340 ईसा. पूर्व में हुआ था. जहां तक इस्लाम धर्म के उद्य की बात करें तो इस्लाम धर्म का उद्य लगभग 613 इस्वी के आसपास हजरत मुहम्मद साहब ने लोगों को अपने ज्ञान का उपदेशा देना आरंभ किया था. इसी घटना का इस्लाम का आरंभ जाता है. चंद्रगुप्त मौर्य के जन्म और इस्लाम की शुरूआत में लगभग 950 सालों का अंतर है. चंद्रगुप्त मौर्य का जन्म इस्लाम धर्म के उद्य के लगभग 950 साल पहले जन्म हुआ. आमतौर पर इतिहासकार यहीं मानते हैं. इस आधार पर हम यह बात सही है कि चंद्रगुप्त मौर्य के समय इस्लाम धर्म का उद्य नहीं हुआ था.

बताया जाता है कि नंद वंश का शासक बहुत ही विलासिता पूर्ण जीवन व्यतीत करता था. धनानंद जनता पर बहुत अत्याचार करता था. चंद्रगुप्त ने धनानंद को पराजित करते हुए मगध के राज्य पर अधिकार कर लिया और मौर्य वंश की स्थापना की. इसके साथ ही नंद वंश का भी अंत हो जाता है. अपने कौशल और चाणक्य के मार्गदर्शन में चंद्रगुप्त मौर्य़ ने भारत के पहले सम्राट होने का गौरव हासिल किया.

इस्लाम दुनिया का एक धर्म है, इसके अनुयाइयों की संख्या दुनिया में ईसाई धर्म के बाद दूसरा स्थान है. इसके अनुयायियों को मुसलमान और इनके प्रार्थना स्थल को, मस्जिद कहा जाता है. इस्लाम अधिकांश मध्य पूर्व, उत्तरी अफ्रीका, सहेल और मध्य एशिया का मुख्य धर्म है, और दक्षिण और दक्षिणपूर्व एशिया, पश्चिम और पूर्वी अफ्रीका में भी फैला हुआ है. आज दुनिया के अधिकांश देशों में मुसलमान जनसंख्या निवास करती है.
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इस्लाम में पांच सर्वोच्च नियम या पांच सबसे महत्वपूर्ण कर्तव्यों हैं, जिन्हें "इस्लाम के पांच स्तंभ" कहा जाता है, जिन्हें सभी मुसलमानों के लिए उनके जीवन के दौरान पालन करना अनिवार्य माना जाता है:



