गुरूवार, 18 जून 2026 · नई दिल्ली
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दशमूल काढ़ा का प्रयोग और अचूक फायदे क्या हैं ?

वर्तमान समय में हमें कई तरह की स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ता है.

दशमूल काढ़ा का प्रयोग और अचूक फायदे क्या हैं ?

वर्तमान समय में हमें कई तरह की स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ता है. जिसके लिए काफी बार हमें परिवार या रिश्तेदारों के द्वारा उसके समस्या के इलाज के लिए कोई दवा का सुझाव दिया जाता है. लेकिन हमें ऐसी स्थिति में सिर्फ यहीं पता होता है कि दवा का नाम क्या है. हमें यह नहीं पता होता है कि यह दवा हमारे शरीर के लिए किस तरह से फायदेमंद हैं. इसी कारण दवाओं से संबंधित लोगों के मन में कई तरह के सवाल पैदा होते हैं. इसी तरह का एक सवाल जो आमतौर पर पूछा जाता है कि दशमूल काढ़ा का प्रयोग और अचूक फायदे क्या हैं ? अगर आपके मन में भी ऐसा ही सवाल है, तो इस पोस्ट में इसी सवाल का जवाब जानते हैं.

दशमूल काढ़ा

दशमूल काढ़ा के फायदे -

जब भी हम किसी दवा का प्रयोग करते हैं, तो सबसे पहले हमारे लिए यह जानना आवश्यक हो जाता है कि इस दवा के प्रयोग से हमें क्या फायदा होगा. अगर दशमूल काढ़ा के प्रय़ोग से होने वाले फायदे की बात करें, तो इसके प्रय़ोग से बुखार , खांसी , जोड़ो में सूजन , स्त्री रोग संबंधित समस्याओं इत्यादी के प्रय़ोग में लाभ मिलता है.

इसमें प्रय़ोग की जाने वाली सामग्री की बात करें, तो इसमें dashamool , chitrak mool , lodhra, pushkaramool, giloy , javaasa , khadir , vijayasaar , triphala , manjishtha , devadaaru , vidang, kabaab cheenee , chandan , jaayaphal munakka , chaturjaat इत्यादी का प्रय़ोग किया गया है.

दशमूल काढ़ा

दशमूलक काढ़ा की मात्रा -

किसी भी दवा के प्रयोग से पहले हमें उसकी उचित मात्रा के बारे में जानना बहुत ही जरूरी होता है. इसकी सबसे बड़ा कारण यह होता है कि अगर हम दवा का कम मात्रा में प्रय़ोग करते हैं, तो इससे हमें पूरा लाभ हीं मिल पाता है तथा हम दवा का अधिक मात्रा में प्रयोग करते हैं, तो हो सकते है हमें इसके साइड इफेक्ट देखने को मिलें. वैसे तो कई कंपनियां दशमूलक काढा तैयार करती हैं. लेकिन अगर बैधनाथ के दशमूलक काढ़ा की मात्रा की बात करें, तो हम इसकी 15 ML मात्रा का प्रय़ोग हल्के गर्म पानी के साथ कर सकते हैं. इस दवा का प्रयोग खाली पेट दिन में 2-3 बार किया जा सकता है. यहां यह बात ध्यान देने की है कि हर रोगी का मामला उसकी चिकित्सा इतिहास या शारीरिक आधार पर अलग अलग होता है. इसलिए दवा की मात्रा भी अलग अलग हो सकती है. इसी कारण दवा का प्रयोग करने से पहले डॅाक्टर से सलाह मशवरा जरूर करना चाहिएं.

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इस दवा के प्रयोग से होने वाले नुकसान की बात करें, तो हमें यह जानना होगा कि यह एक आयुर्वेदिक दवा है. इसका आमतौर पर कोई साइड इफेक्ट देखने को नहीं मिलता है. लेकिन फिर भी अगर इसका कोई साइड इफेक्ट देखने को मिलता है, तो तुरंत नजदीकी डॅाक्टर या विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिएं.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. News4social इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें।

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Kapil Jakhar

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