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भाई की जान बचाने के लिए बहन आई तेंदुए के सामने फिर हुआ कुछ ऐसा

भाई की जान बचाने के लिए एक बहन अपनी जान पर खेल गई. अगर कोई तेंदुए के मुंह के सामने आ जाए तो उसका क्या हाल होगा ये आप बखुबी अंदाजा लगा सकते है.

भाई की जान बचाने के लिए बहन आई तेंदुए के सामने फिर हुआ कुछ ऐसा

भाई की जान बचाने के लिए एक बहन अपनी जान पर खेल गई. अगर कोई तेंदुए के मुंह के सामने आ जाए तो उसका क्या हाल होगा ये आप बखुबी अंदाजा लगा सकते है. ऐसे में तो अच्छे- अच्छे लोगों की हालत खराब हो जाती है. जहां पर एक मासूम सी बच्ची ने अपने भाई को तेंदुए के हमले से बचाया है.

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मामला उत्तराखंड के पौडी जिले का है. जहां पर छोटे भाई को तेंदुए से बचाने के वजह से गंभीर रूप से घायल बालिका को दिल्ली के राममनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराना पड़ गया है, फिलहाल उसकी हालत अभी खतरे से बाहर है. इससे पहले उस बच्ची को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में ले जाया गया था, जहां अधिकारियों ने कथित रूप से भर्ती करने से मना कर दिया.

बता दें कि जिले के बीरोंखाल ब्लॉक के देवकुंडाई तल्ली गांव की रहने वाली 11 वर्षीय राखी चार अक्टूबर को अपने चार वर्ष के भाई राघव को तेंदुए से बचाने के लिए उससे भिड़ गई थी और जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी. लड़की की मौसी मधु देवी का कहना था कि उस लड़की के परिवार वाले उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले गए, वहां के अधिकारियों ने उसे भर्ती करने से मना कर दिया.

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इसके बाद लड़की के परिजनों ने प्रदेश के पर्यटन मंत्री और स्थानीय सांसद सतपाल महाराज से संपर्क किया, जिनके हस्तक्षेप से उसे सात अक्टूबर को राममनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जिसके बाद लड़की के उपचार के लिए एक लाख रूपये की सहायता भी दी गई. इसी बीच पौड़ी के जिलाधिकारी ने कहा है कि राखी का नाम बहादुरी पुरस्कार के लिए भेजा जाएगा.

PK

Pinki Kumari

पिंकी कुमारी News4Social की क्राइम संवाददाता हैं। वे अपराध, कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय खबरों पर रिपोर्ट करती हैं, और घटनाओं को तथ्यों के आधार पर प्रस्तुत करने का प्रयास करती हैं। सभी लेख देखें →

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