त्रिपुरा: हाई-टेक जांच और अंतर-राज्यीय समन्वय से बेंगलुरु में मिली लापता नाबालिग, आरोपी गिरफ्तार
त्रिपुरा से लापता हुई एक नाबालिग लड़की को 3,000 किलोमीटर से भी ज़्यादा दूर बेंगलुरु से सुरक्षित बचा लिया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस सफल बचाव अभियान में कई तकनीकी और डिजिटल…
त्रिपुरा से लापता हुई एक नाबालिग लड़की को 3,000 किलोमीटर से भी ज़्यादा दूर बेंगलुरु से सुरक्षित बचा लिया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस सफल बचाव अभियान में कई तकनीकी और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल किया गया और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतरीन तालमेल देखने को मिला। पुलिस ने आरोपी को भी गिरफ़्तार कर लिया है और उसे ट्रांजिट वारंट पर त्रिपुरा वापस लाया गया है।
यह मामला दक्षिण त्रिपुरा जिले के सबरूम का है, जहां 27 जून को भारतीय न्याय संहिता, 2023 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामला दर्ज होने के बाद से ही इसे उच्च प्राथमिकता पर रखा गया।
तकनीक और तालमेल से सफल हुआ अभियान
जांचकर्ताओं ने राष्ट्रीय खुफिया ग्रिड (NATGRID) के सहयोग से कॉल डेटा रिकॉर्ड (CDR) और लोकेशन-बेस्ड सर्विसेज (LBS) का विश्लेषण किया। इन तकनीकी सुरागों की मदद से लड़की और आरोपी की लोकेशन बेंगलुरु में मिली। पुलिस मुख्यालय से मंज़ूरी मिलने के बाद, सब-इंस्पेक्टर रमानी देबबर्मा के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम को तुरंत बेंगलुरु भेजा गया।
त्रिपुरा पुलिस ने सीधे बेंगलुरु शहर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया। इसके बाद, बेंगलुरु शहरी जिले के व्हाइटफ़ील्ड पुलिस स्टेशन की मदद से 16 वर्षीय लड़की को सुरक्षित बचा लिया गया और आरोपी को भी कानून के अनुसार गिरफ़्तार कर लिया गया।
आरोपी की वापसी और कानूनी प्रक्रिया
आरोपी को 13 अगस्त को बेंगलुरु ग्रामीण जिले के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। अदालत ने 18 अगस्त, 2026 तक दक्षिण त्रिपुरा जिले के सबरूम कोर्ट में उसकी पेशी के लिए ट्रांजिट वारंट जारी कर दिया।
पुलिस टीम शुक्रवार को आरोपी और लड़की के साथ त्रिपुरा लौट आई। एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, आरोपी को हवाई मार्ग से लाने के लिए ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS), एयरपोर्ट पुलिस, एयरपोर्ट अथॉरिटी और इंडिगो एयरलाइंस से आवश्यक अनुमतियां ली गईं। अब आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित अदालत में पेश किया जा रहा है।
नाबालिग की सुरक्षा प्राथमिकता
पुलिस ने कहा है कि बचाई गई लड़की की देखभाल बच्चों की सुरक्षा से जुड़े नियमों के तहत की जा रही है, जिसमें उसकी सुरक्षा, निजता और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। कानून के अनुसार उसकी पहचान या कोई भी निजी जानकारी ज़ाहिर नहीं की जाएगी। दक्षिण त्रिपुरा जिला पुलिस ने इस सफल अभियान में सहयोग के लिए सभी संबंधित एजेंसियों का आभार व्यक्त किया है।
इनपुट: IANS



