शादी के बाद पहले सावन माह में विवाहिता ससुराल में क्यों नहीं रहती हैं ?
भारतीय परंपरा में शादी के बाद पहले सावन माह में नई दुल्हन ससुराल न रहकर मायके चली जाती है। यह परंपरा धार्मिक मान्यताओं और स्वास्थ्य संबंधी कारणों पर आधारित है।
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भारतीय परंपरा में शादी के बाद पहले सावन माह में नई दुल्हन ससुराल न रहकर मायके चली जाती है। यह परंपरा धार्मिक मान्यताओं और स्वास्थ्य संबंधी कारणों पर आधारित है।
भगवान शिव की महिमा के बारे में तो आप सबने सुना होगा. भगवान शिव अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं. भगवान शिव का व्रत सोमवार को रखा जाता है.
इंसान की सफलता के पीछे सबसे बड़ा हाथ गुरू का बताया गया है. कहा भी जाता है कि गुरू भगवान से भी बड़ा होता है.
भगवान भोलेनाथ अपने भक्तों पर सदा अपनी दया बनाए रखते हैं. वो जल्दी ही खुश हो जाते हैं तथा अपने भक्तों को मनचाहा वरदान देते हैं. भगवान शिव को ही भोलेनाथ कहते हैं.
भगवान शिव शंकर का एक नाम भोलेनाथ भी है. इसका कारण यह है कि शंकर भगवान बहुत भोले हैं.
शंकर या महादेव आरण्य संस्कृति जो आगे चलकर शैव धर्म के नाम से जानी जाती है. उसमें एक बहुत ही महत्वपूर्ण देवता हैं. वह त्रिदेव में से एक देव हैं.