प्रयागराज में छात्रों के कार्यक्रम से पहले राहुल गांधी का संदेश: 'सिस्टम बेईमान, आवाज़ एक साथ उठनी चाहिए'
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रयागराज में छात्रों के एक कार्यक्रम में शामिल होने से पहले एक वीडियो संदेश जारी किया है। अपने संदेश में उन्होंने देश की व्यवस्था पर सवाल…
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रयागराज में छात्रों के एक कार्यक्रम में शामिल होने से पहले एक वीडियो संदेश जारी किया है। अपने संदेश में उन्होंने देश की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि छात्रों की मेहनत में कोई कमी नहीं है, बल्कि उस 'सिस्टम की नीयत में कमी है' जो उनकी मेहनत का मूल्य नहीं देती।
समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, राहुल गांधी शनिवार को प्रयागराज में आयोजित होने वाले 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जारी अपने वीडियो में उन्होंने कहा कि प्रयागराज देश का वह शहर है जहाँ सबसे अधिक नौजवान प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। उन्होंने कहा, "एक बात साफ है, यहां का हर छात्र जानता है कि सिस्टम बेईमान हो चुका है।"
भर्ती प्रक्रिया और छात्र आंदोलन पर टिप्पणी
राहुल गांधी ने अपने संदेश में पेपर लीक, रुकी हुई भर्तियों और लंबे इंतजार जैसे मुद्दों का उल्लेख करते हुए व्यवस्था में जवाबदेही की कमी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "कोटा में छात्र बोले, देहरादून में फिर आवाज उठी और दिल्ली में इन्हीं बच्चों पर लाठियां चलीं, सिर्फ सवाल पूछने के लिए। आखिर में एक मंत्री को जाना पड़ा।"
इसी संदर्भ में उन्होंने छात्रों को एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा, "यह सरकार झुकती है बस आवाज एक साथ उठनी चाहिए। शनिवार को प्रयागराज में यही बात करने आ रहा हूं। आप भी आइए।"
युवाओं के भविष्य पर चिंता
वीडियो में एक छात्र का संदेश पढ़ते हुए, जिसमें लिखा था, "राहुल सर, आप प्रयागराज आ रहे हो न। हम छात्रों की वास्तव में कोई नहीं सुन रहा," राहुल गांधी ने जवाब दिया, "मैं छात्रों की (बात) सुन रहा हूं।" उन्होंने कहा कि वह प्रयागराज में रोजगार और नौकरियों की स्थिति पर चर्चा करने आ रहे हैं।
उन्होंने अपनी बात समाप्त करते हुए कहा, "मैं एक बात को 100 प्रतिशत स्वीकार करता हूं कि आज के हिंदुस्तान में रोजगार या पढ़ाई में हमारे छात्रों का भविष्य नहीं है। इसको हम सभी को मिलकर बदलना है। आपकी एनर्जी और आपकी आवाज के साथ हम मिलकर इस समस्या का समाधान कर सकते हैं।"
इनपुट: IANS



