गुरूवार, 24 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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भारत का UPI बना दुनिया की मिसाल, हर महीने हो रहे 20 अरब से ज़्यादा लेन-देन

भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में एक नया वैश्विक कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। यह पेमेंट नेटवर्क अब हर महीने 20 अरब से ज़्यादा लेन-देन प्रोसेस कर रहा है, जो इसे…

भारत का UPI बना दुनिया की मिसाल, हर महीने हो रहे 20 अरब से ज़्यादा लेन-देन
(फोटो: IANS)

भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में एक नया वैश्विक कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। यह पेमेंट नेटवर्क अब हर महीने 20 अरब से ज़्यादा लेन-देन प्रोसेस कर रहा है, जो इसे दुनिया के सबसे बड़े रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम में से एक बनाता है। बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (BCG) की एक ताज़ा रिपोर्ट में बताया गया है कि UPI इस बात का बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे एक डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढाँचा (Digital Public Infrastructure) बड़े पैमाने पर विस्तार और वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) को एक साथ हासिल कर सकता है।

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समाचार एजेंसी IANS के हवाले से आई इस रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का रियल-टाइम पेमेंट इकोसिस्टम डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की सबसे बड़ी कामयाबियों में से एक है। BCG के प्रबंध निदेशक और भागीदार विवेक मंधाता ने कहा, "भारत ने वित्तीय समावेशन और बड़े पैमाने पर उपयोग दोनों के बीच संतुलन स्थापित किया है, जो दुनिया के कई देशों के लिए अध्ययन का विषय बन सकता है।" उनके अनुसार, UPI ने करोड़ों लोगों को डिजिटल भुगतान से जोड़ा है और इसके बावजूद लेन-देन की विकास दर बहुत मज़बूत बनी हुई है।

भुगतान उद्योग का भविष्य और नए अवसर

रिपोर्ट का अनुमान है कि वैश्विक भुगतान उद्योग का राजस्व 2030 तक 2.6 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँच सकता है। हालाँकि, आने वाले वर्षों में इसकी वृद्धि दर थोड़ी धीमी होकर लगभग 5% प्रतिवर्ष रहने की उम्मीद है, जबकि पिछले पाँच सालों में यह करीब 7% रही थी। इसके अलावा, भारत में क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल भी तेज़ी से बढ़ रहा है, खासकर ऑनलाइन भुगतानों में। इससे बैंकों, फिनटेक कंपनियों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए नई वैल्यू-एडेड सेवाएँ बनाने के मौके पैदा हो रहे हैं।

AI और एजेंटिक कॉमर्स की भूमिका

BCG की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय डिजिटल भुगतान बाज़ार का अगला चरण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एजेंटिक कॉमर्स की तरफ़ जाएगा। AI पर आधारित सिस्टम भविष्य में पेमेंट के अनुभव को और ज़्यादा सहज, सुरक्षित और ऑटोमेटेड बना सकते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि AI पहले से ही पेमेंट और ट्रांजैक्शन बैंकिंग को तेज़ी से बदल रहा है, जिससे कंपनियों को लागत घटाने और कागज़ी प्रक्रियाओं को ऑटोमेट करने में मदद मिल रही है।

इसके साथ ही, एजेंटिक कॉमर्स भी एक महत्वपूर्ण प्रतिस्पर्धी कारक बनता जा रहा है। सर्वेक्षण में शामिल 73 प्रतिशत बड़े व्यापारियों ने कहा कि अगर उन्हें एजेंट-आधारित लेन-देन के लिए बेहतर सुविधा मिले, तो वे अपने पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर को बदलने पर विचार कर सकते हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि दुनिया भर में पेमेंट की संप्रभुता का महत्व बढ़ रहा है और फ़िलहाल 137 देशों में 24 घंटे काम करने वाले इंस्टेंट पेमेंट सिस्टम मौजूद हैं।

इनपुट: IANS

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