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जोधपुर AIIMS में रेजिडेंट डॉक्टर की मौत पर हंगामा, साथी डॉक्टरों ने सेवाएं रोकीं, जांच की मांग

जोधपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में एक युवा रेजिडेंट डॉक्टर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद साथी डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। समाचार एजेंसी…

जोधपुर AIIMS में रेजिडेंट डॉक्टर की मौत पर हंगामा, साथी डॉक्टरों ने सेवाएं रोकीं, जांच की मांग
(फोटो: IANS)

जोधपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में एक युवा रेजिडेंट डॉक्टर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद साथी डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस प्रदर्शन के कारण अस्पताल की ओपीडी सेवाएं बाधित हो गई हैं और सर्जरी पर भी असर पड़ने की खबर है। प्रदर्शनकारी डॉक्टर अपने साथी की मौत की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

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यह मामला एनेस्थीसिया विभाग के 29 वर्षीय रेजिडेंट डॉक्टर रामनरेश यादव की मौत से जुड़ा है, जो मंगलवार को ड्यूटी के दौरान मृत पाए गए थे। उनकी मौत के बाद बुधवार देर रात रेजिडेंट डॉक्टरों ने कैंडल मार्च निकालकर उन्हें श्रद्धांजलि दी और पूरे मामले की गहन जांच की मांग उठाई। विरोध कर रहे डॉक्टरों ने अस्पताल के एक प्रवेश द्वार को व्हीलचेयर और स्ट्रेचर लगाकर बाधित भी कर दिया।

घटना का विवरण और शुरुआती जांच

रिपोर्ट्स के मुताबिक, डॉ. यादव मंगलवार को ड्यूटी के दौरान अचानक ऑपरेशन थिएटर से चले गए थे। बाद में दोपहर करीब 1 बजे वे एम्स के रेस्ट रूम के बाथरूम में बेहोश मिले। साथी डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन वे नाकाम रहे।

घटनास्थल से एक इंजेक्शन और एक सिरिंज मिलने की बात सामने आई है, जिससे शुरुआती तौर पर ड्रग ओवरडोज की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, मौत की असली वजह जांच के बाद ही सामने आएगी। पुलिस ने शव को एम्स की मोर्चरी में रखवाकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया और डॉक्टरों की मांगें

मामले की गंभीरता को देखते हुए एम्स प्रशासन ने डीन (एकेडमिक) की अध्यक्षता में एक आंतरिक जांच समिति का गठन किया है। इसके अलावा, रेजिडेंट डॉक्टरों की शिकायतों और चिंताओं को सुनने के लिए एक और समिति बनाई गई है। इसके बावजूद डॉक्टरों का प्रदर्शन जारी है।

प्रदर्शनकारी डॉक्टरों की मांग है कि मौत के हालात की व्यापक जांच हो और अगर इसमें किसी व्यक्ति या संस्थान की कोई जिम्मेदारी निकलती है तो कार्रवाई की जाए। सोशल मीडिया पर मृतक डॉक्टर के परिवार के लिए 5 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग भी उठाई जा रही है।

कौन थे डॉ. रामनरेश यादव?

डॉ. रामनरेश यादव मूल रूप से अलवर के बड़ा जोड़ इलाके के रहने वाले थे। उन्होंने जोधपुर एम्स से ही एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की थी और यहीं से एनेस्थीसिया में पोस्ट ग्रेजुएशन कर रहे थे। जानकारी के मुताबिक, उनके बड़े भाई दिल्ली एम्स में डॉक्टर हैं, जबकि उनके पिता गांव में ही रहते हैं। इस घटना के बाद से उनके साथियों में दुख और गुस्सा है।

इनपुट: IANS

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News4Social राजस्थान डेस्क

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