भारत-मेक्सिको व्यापार: नए समझौते की बातचीत शुरू, भारतीय निर्यातकों को मिल सकती है बड़ी राहत
भारत और मेक्सिको ने अपने आर्थिक रिश्तों को एक नई दिशा देने के लिए एक महत्वपूर्ण व्यापार समझौते पर औपचारिक बातचीत शुरू कर दी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देशों ने 'वरीयतापूर्ण…
भारत और मेक्सिको ने अपने आर्थिक रिश्तों को एक नई दिशा देने के लिए एक महत्वपूर्ण व्यापार समझौते पर औपचारिक बातचीत शुरू कर दी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देशों ने 'वरीयतापूर्ण व्यापार समझौते' (Preferential Trade Agreement - PTA) के लिए बातचीत की शर्तों (Terms of Reference) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाना, निवेश को प्रोत्साहित करना और आपूर्ति श्रृंखलाओं (Supply Chains) को मजबूत बनाना है।
इस वार्ता प्रक्रिया का शुभारंभ भारत के वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल और मेक्सिको के विदेश व्यापार उपमंत्री लुइस रोसेन्डो गुटिरेज रोमानो ने संयुक्त रूप से किया। सरकार का कहना है कि अब भारत और मेक्सिको अपनी अप्रयुक्त आर्थिक संभावनाओं को वास्तविक कारोबारी अवसरों में बदलने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। प्रस्तावित समझौते को इस तरह तैयार किया जाएगा कि यह दोनों पक्षों के लिए संतुलित, महत्वाकांक्षी और लाभकारी हो।
समझौते से भारतीय उद्योगों को क्या लाभ होगा?
इस प्रस्तावित व्यापार समझौते से भारतीय निर्यातकों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में, मेक्सिको की नई शुल्क व्यवस्था के तहत भारतीय उत्पादों पर 50 प्रतिशत तक का भारी आयात शुल्क लगता है। इस समझौते के तहत इन शुल्कों में कमी या पूरी तरह से समाप्ति हो सकती है, जो भारतीय कंपनियों के लिए एक बड़ा अवसर साबित होगा।
विशेष रूप से ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, फुटवियर, प्लास्टिक, स्टील, रसायन और खिलौना जैसे प्रमुख भारतीय उद्योगों को इससे फायदा पहुंचने की संभावना है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने मेक्सिको को 5.73 अरब डॉलर का सामान निर्यात किया था, जिसमें अकेले ऑटोमोबाइल क्षेत्र का योगदान 1.92 अरब डॉलर था।
आर्थिक सहयोग की अपार संभावनाएं
अपनी दो दिवसीय मेक्सिको यात्रा के दौरान वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि भारत और मेक्सिको की अर्थव्यवस्थाओं में कई समानताएं हैं और सहयोग की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने भारत की लगभग 7 प्रतिशत की मजबूत आर्थिक वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रस्तावित पीटीए दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग के नए रास्ते खोलेगा। अग्रवाल के अनुसार, यह समझौता व्यापार, निवेश और कारोबारी साझेदारी को मजबूत कर प्रशांत क्षेत्र में साझा समृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस यात्रा में अग्रवाल ने मेक्सिको के विदेश मंत्रालय के एशिया-प्रशांत मामलों के महानिदेशक फर्नांडो गोंजालेज सैफे के साथ भी बैठक की। इसके अलावा, उन्होंने भारतीय और मेक्सिकन उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात कर व्यापार और निवेश से जुड़े अवसरों और चुनौतियों पर चर्चा की।
इनपुट: IANS



