उत्तर भारत के भगवान और दक्षिण भारत के भगवान में अंतर क्यों है ?
लगभग सभी धर्मों में भगवान को लेकर अलग-अलग आस्था होती है. भगवान से संबंधित सवाल सीधे तौर पर आस्था से जुड़ा होता है.
“भगवान शिव के भजन” से जुड़ी सभी ताज़ा खबरें।
लगभग सभी धर्मों में भगवान को लेकर अलग-अलग आस्था होती है. भगवान से संबंधित सवाल सीधे तौर पर आस्था से जुड़ा होता है.
भगवान शिव की महिमा के बारे में तो आप सबने सुना होगा. भगवान शिव अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं. भगवान शिव का व्रत सोमवार को रखा जाता है.
इंसान की सफलता के पीछे सबसे बड़ा हाथ गुरू का बताया गया है. कहा भी जाता है कि गुरू भगवान से भी बड़ा होता है.
महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का एक बहुत ही पवित्र पर्व है. यह पर्व भगवन शिव से संबंधित है. शिव भगवान की पूजा भारत में प्राचीन काल से होती रही है.
भगवान भोलेनाथ अपने भक्तों पर सदा अपनी दया बनाए रखते हैं. वो जल्दी ही खुश हो जाते हैं तथा अपने भक्तों को मनचाहा वरदान देते हैं. भगवान शिव को ही भोलेनाथ कहते हैं.
भगवान शिव शंकर का एक नाम भोलेनाथ भी है. इसका कारण यह है कि शंकर भगवान बहुत भोले हैं.
शंकर या महादेव आरण्य संस्कृति जो आगे चलकर शैव धर्म के नाम से जानी जाती है. उसमें एक बहुत ही महत्वपूर्ण देवता हैं. वह त्रिदेव में से एक देव हैं.