हल्द्वानी 'शुद्धीकरण' विवाद: NCBC अध्यक्ष निरंजन ज्योति ने राहुल गांधी से पूछा - 65 साल आपके परिवार ने क्या किया?
उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के एक कार्यक्रम के बाद मंच के कथित 'शुद्धीकरण' को लेकर शुरू हुआ विवाद राजनीतिक रूप ले चुका है। इस मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी…
उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के एक कार्यक्रम के बाद मंच के कथित 'शुद्धीकरण' को लेकर शुरू हुआ विवाद राजनीतिक रूप ले चुका है। इस मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा FIR दर्ज करने की मांग पर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कानपुर देहात में समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में उन्होंने कांग्रेस के लंबे शासनकाल पर सवाल उठाए।
साध्वी निरंजन ज्योति ने सीधे राहुल गांधी को संबोधित करते हुए कहा, "मैं एनसीबीसी की अध्यक्ष के तौर पर राहुल गांधी से कहना चाहती हूं कि आजादी के बाद 65 वर्षों तक सत्ता आपके परिवार के पास रही। अगर आपको लगता था कि ऐसा भेदभाव था, तो आपकी दादी, पिता और दादा को इसे बहुत पहले ही खत्म कर देना चाहिए था।" उन्होंने आगे कहा, "वर्तमान में, मुझे नहीं लगता कि ऐसा कोई भेदभाव है।"
"राजनीतिक रोटियां सेंकने का आरोप"
NCBC अध्यक्ष ने राहुल गांधी के बयानों को राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंडित दीनदयाल उपाध्याय के दृष्टिकोण के अनुसार काम कर रहे हैं और उन्होंने हमेशा दलितों व पिछड़ों को सम्मान दिया है। साध्वी ज्योति के अनुसार, "राहुल गांधी सिर्फ अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए इस तरह के बयान दे रहे हैं।"
इस्लामिक कानून वाले बयान पर भी प्रतिक्रिया
बातचीत के दौरान साध्वी निरंजन ज्योति ने ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी के देश में इस्लामिक कानून लागू करने संबंधी बयान की भी आलोचना की। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि जिस तरह से हमलावर भारत आए, हमारी महिलाओं को जौहर का सहारा लेना पड़ा। अगर उनका संविधान वास्तव में इतना अच्छा होता, तो हमारे देश की महिलाओं को जौहर का सहारा नहीं लेना पड़ता।"
उन्होंने इसे बाबासाहेब डॉ. बीआर अंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान का अपमान बताते हुए कहा कि भारत में रहते हुए ऐसे बयान देना खुला अपमान है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव जैसे नेता, जो ऐसे बयानों का समर्थन नहीं करते, इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंगे।
इनपुट: IANS



