शहडोल में 15 वर्षीय हाथी की संदिग्ध मौत, करंट लगने का अंदेशा, जांच जारी
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में एक खेत में 15 साल के नर हाथी का शव मिलने से हड़कंप मच गया है। शुरुआती जांच में मौत की वजह बिजली का करंट लगना बताया जा रहा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, यह…
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में एक खेत में 15 साल के नर हाथी का शव मिलने से हड़कंप मच गया है। शुरुआती जांच में मौत की वजह बिजली का करंट लगना बताया जा रहा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना देवलोंद थाना क्षेत्र के बाणसागर इलाके स्थित चंदोली गांव के वार्ड नंबर 7 की है, जहां बोरवेल के पास हाथी मृत अवस्था में पाया गया।
मंगलवार को सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और जांच शुरू कर दी। अधिकारियों का कहना है कि मौत की असली वजह और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही का पता पूरी जांच के बाद ही चल पाएगा। फिलहाल यह पता लगाया जा रहा है कि खेत में करंट कैसे फैला — क्या यह किसी सिस्टम में खराबी का नतीजा था या कोई और कारण था।
वन्यजीव कार्यकर्ताओं ने उठाए सवाल
इस घटना के बाद राज्य में जंगली जानवरों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता जताई जा रही है। वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया में आरोप लगाया कि पहले भी करंट लगने से एक हाथी और एक बाघ की मौत हो चुकी है, लेकिन उन मामलों में किसी की भी जिम्मेदारी तय नहीं की गई।
उन्होंने कहा, "वन विभाग के जिम्मेदारी तय करने से पहले और कितने जंगली जानवरों की मौत होनी चाहिए? हम तुरंत उच्चस्तरीय जांच और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हैं।"
क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी
वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया, "हाथी की मौत के हालात की जांच की जा रही है। जरूरी जांच के बाद मौत की वजह और दूसरी जानकारी साफ हो जाएगी।" गौरतलब है कि हाथी के मृत पाए जाने से ठीक एक दिन पहले, बाणसागर क्षेत्र के सेझारी गांव के ग्रामीणों ने हाथियों के एक झुंड द्वारा फसलों और मिट्टी के घरों को नुकसान पहुंचाने की सूचना दी थी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, देवलोंद और बाणसागर के जंगली इलाकों में एक दर्जन से ज्यादा हाथी कई सालों से घूम रहे हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मृत पाया गया हाथी उसी झुंड का हिस्सा था या नहीं।
इनपुट: IANS



