असम में पूर्व-अग्निवीरों के लिए बड़ा फैसला, 11 सरकारी सेवाओं में 12% आरक्षण की घोषणा
अग्निपथ योजना के तहत सशस्त्र बलों में सेवा देने वाले असम के युवाओं के लिए राज्य सरकार ने एक अहम घोषणा की है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को बताया कि असम के मूल निवासी पूर्व-अग्निवीरों को…
अग्निपथ योजना के तहत सशस्त्र बलों में सेवा देने वाले असम के युवाओं के लिए राज्य सरकार ने एक अहम घोषणा की है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को बताया कि असम के मूल निवासी पूर्व-अग्निवीरों को 11 विभिन्न वर्दीधारी सेवाओं (uniformed services) में 12 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य सैन्य सेवा के बाद इन युवाओं के लिए राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि राज्य सरकार पूर्व-अग्निवीरों का समर्थन करने और उनके भविष्य को संवारने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने लिखा, "असम अपने अग्निवीरों के साथ खड़ा है।"
राष्ट्र सेवा के बाद राज्य में अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व-अग्निवीरों ने गर्व के साथ देश की सेवा की है और अब यह सरकार की जिम्मेदारी है कि उन्हें अपने गृह राज्य में समाज की सेवा जारी रखने का अवसर प्रदान करे। उनके अनुसार, "उन्होंने (पूर्व-अग्निवीरों ने) गर्व के साथ भारत की सेवा की है। अब, उनके भविष्य को संवारने और सेवा के नए अवसर प्रदान करने की जिम्मेदारी हमारी है।"
यह फैसला उन अग्निवीरों के लिए महत्वपूर्ण है जो अग्निपथ योजना के तहत चार साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद नागरिक जीवन में लौटते हैं। इस योजना में प्रत्येक बैच के 25 प्रतिशत तक कर्मियों को नियमित सेवा में बनाए रखने का प्रावधान है।
पुनर्वास की देशव्यापी चर्चा
असम सरकार का यह कदम देश भर में अग्निवीरों के पुनर्वास और रोजगार को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच आया है। कई अन्य राज्यों ने भी कार्यकाल पूरा होने के बाद पूर्व-अग्निवीरों को पुलिस और अन्य सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता देने की घोषणा की है। असम का यह फैसला इन प्रशिक्षित और अनुशासित युवाओं को सार्वजनिक रोजगार का एक और मार्ग प्रदान करेगा।
हालांकि, आरक्षण के दायरे में आने वाली 11 वर्दीधारी सेवाओं की सूची और इसे लागू करने की समय-सीमा जैसी विस्तृत जानकारी अभी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
इनपुट: IANS



