अमेरिका में H-1B वीजा विस्तार हुआ और मुश्किल, भारतीय पेशेवरों पर पड़ सकता है बड़ा असर
अमेरिकी सरकार ने H-1B वीजा सहित अन्य कुशल विदेशी कर्मचारियों के वीजा विस्तार के नियमों में महत्वपूर्ण बदलावों की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन नए प्रस्तावों के तहत, वीजा विस्तार के आवेदनों पर विचार…
अमेरिकी सरकार ने H-1B वीजा सहित अन्य कुशल विदेशी कर्मचारियों के वीजा विस्तार के नियमों में महत्वपूर्ण बदलावों की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन नए प्रस्तावों के तहत, वीजा विस्तार के आवेदनों पर विचार करते समय अब पिछली मंजूरी को प्राथमिकता नहीं दी जाएगी। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इन बदलावों से बड़ी संख्या में भारतीय H-1B वीजा धारकों और उनके जीवनसाथियों के प्रभावित होने की आशंका है।
अमेरिका के गृह सुरक्षा विभाग (DHS) और अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (USCIS) ने दो प्रमुख उपायों की घोषणा की है। पहला एक प्रस्तावित नियम है जो वीजा विस्तार की प्रक्रिया को सख्त करेगा, जबकि दूसरा नियम कुछ विदेशी कर्मचारियों के वर्क परमिट के स्वतः नवीनीकरण को समाप्त करता है। ये दोनों उपाय मंगलवार को संघीय रजिस्टर में सार्वजनिक निरीक्षण के लिए रखे गए और बुधवार को प्रकाशित होने निर्धारित हैं।
वीजा विस्तार में खत्म होगी प्राथमिकता
प्रस्तावित नियम के तहत, सरकार उस प्रावधान को हटाने जा रही है जिसके अनुसार अगर किसी मामले के तथ्य नहीं बदले हैं, तो USCIS वीजा विस्तार के आवेदन पर विचार करते समय पिछली मंजूरी को तरजीह देती थी। यह नीति H-1B और L-1 वीजा जैसी श्रेणियों पर लागू होती थी। विभाग का तर्क है कि यह बदलाव कानून के अनुरूप है, जिसके तहत आव्रजन लाभों के लिए पात्रता साबित करने की जिम्मेदारी हमेशा आवेदक की होती है, न कि एजेंसी की।
क्यों किया जा रहा है यह बदलाव?
गृह सुरक्षा विभाग का मानना है कि पिछली मंजूरी को प्राथमिकता देने की नीति से गलतियों के जारी रहने और धोखाधड़ी का पता न लग पाने का खतरा बढ़ जाता है। अपने तर्क के समर्थन में विभाग ने आंकड़े भी दिए हैं। आंकड़ों के मुताबिक, जब यह नीति लागू थी (वित्त वर्ष 2022-2025), तब H-1B विस्तार मामलों में धोखाधड़ी या नियमों के उल्लंघन की दर 22.39% थी। वहीं, जब यह नीति लागू नहीं थी (वित्त वर्ष 2018-2020), तो यह दर 16.77% थी।
USCIS के अनुसार, वित्त वर्ष 2022 से 2025 के दौरान हर साल औसतन 2,08,429 विस्तार याचिकाएं ऐसी थीं जिन पर यह प्राथमिकता नीति लागू होती थी, जो कुल याचिकाओं का लगभग 30% है। इस प्रस्तावित नियम पर जनता को अपनी राय देने के लिए 30 दिनों का समय मिलेगा।
वर्क परमिट का ऑटो-रिन्यूअल भी खत्म
दूसरे उपाय के तहत, 30 अक्टूबर 2025 को जारी एक अंतरिम नियम को अंतिम रूप दे दिया गया है। यह नियम H-1B वीजा धारकों के जीवनसाथियों सहित कुछ श्रेणियों के विदेशी कर्मचारियों के लिए वर्क परमिट (EAD) के स्वतः नवीनीकरण की व्यवस्था को समाप्त करता है, भले ही उन्होंने समय पर नवीनीकरण के लिए आवेदन किया हो।
इनपुट: IANS



