आत्मनिर्भर भारत की बड़ी उपलब्धि: नौसेना का पांचवां डाइविंग सपोर्ट क्राफ्ट DSC A24 कोलकाता में लॉन्च
भारतीय नौसेना के लिए 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत बनाए जा रहे पांच डाइविंग सपोर्ट क्राफ्ट (DSC) की श्रृंखला का आखिरी जहाज भी अब समुद्री अभियानों के लिए तैयार है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के…
भारतीय नौसेना के लिए 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत बनाए जा रहे पांच डाइविंग सपोर्ट क्राफ्ट (DSC) की श्रृंखला का आखिरी जहाज भी अब समुद्री अभियानों के लिए तैयार है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस परियोजना के पांचवें पोत, जिसे यार्ड 329 (DSC A24) के नाम से भी जाना जाता है, को रविवार को कोलकाता के टीटागढ़ शिपयार्ड में लॉन्च किया गया।
यह लॉन्च समारोह नौसेना की परंपराओं और औपचारिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। भारतीय नौसेना के कार्मिक प्रमुख वाइस एडमिरल गुरचरण सिंह की मौजूदगी में इस जहाज को पानी में उतारा गया। इस अवसर पर भारतीय नौसेना और निर्माता कंपनी एम/एस टीटागढ़ रेल सिस्टम्स लिमिटेड (टीआरएसएल) के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
जहाज की बनावट और क्षमता
DSC A24 का निर्माण टीटागढ़ रेल सिस्टम्स लिमिटेड द्वारा आईआरएस और नौसैनिक नियमों के अनुसार किया गया है। लगभग 300 से 400 टन के विस्थापन (डिस्प्लेसमेंट) वाले इस जहाज को एक विशेष 'कैटामरन-हल' डिजाइन दिया गया है। इस डिजाइन में एक बड़े ढांचे के बजाय दो समानांतर पतवार होते हैं, जो इसे बेहतर स्थिरता, एक बड़ा डेक क्षेत्र और समुद्र में बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता देते हैं, जो डाइविंग ऑपरेशनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
स्वदेशी तकनीक पर ज़ोर
इस जहाज की सबसे बड़ी खासियत इसका स्वदेशी होना है। इसमें इस्तेमाल होने वाले 70 प्रतिशत से अधिक मुख्य और सहायक उपकरण भारतीय निर्माताओं से लिए गए हैं, जो इसे 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान का एक महत्वपूर्ण प्रतीक बनाता है। यह अत्याधुनिक डाइविंग सिस्टम से लैस है और इसे विशेष रूप से ऑपरेशनल डाइव्स को अंजाम देने के लिए तैयार किया गया है। नौसेना में इन जहाजों के शामिल होने से उसकी डाइविंग सपोर्ट, अंडरवाटर इंस्पेक्शन और बचाव सहायता जैसी क्षमताओं में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
इनपुट: IANS



