कर्नाटक: मंत्री सतीश जारकीहोली पर ED का शिकंजा, विदेशी संपत्ति में रिश्वत के पैसे लगाने का आरोप
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कर्नाटक के लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री सतीश जारकीहोली के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि PWD के ठेकों से मिली रिश्वत की रकम का इस्तेमाल…
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कर्नाटक के लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री सतीश जारकीहोली के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि PWD के ठेकों से मिली रिश्वत की रकम का इस्तेमाल विदेश में संपत्ति खरीदने के लिए किया गया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, ED ने यह भी दावा किया है कि जारकीहोली की कांगो में एक सोना खनन कंपनी में लगभग 40 प्रतिशत की हिस्सेदारी है।
यह पूरा मामला अघोषित विदेशी निवेश, सीमा पार व्यापारिक संबंधों और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है। इसी जांच के सिलसिले में ED के बेंगलुरु जोनल कार्यालय ने मंत्री सतीश जारकीहोली और उनके करीबी सहयोगियों से जुड़े कुल 21 ठिकानों पर छापेमारी की।
छापेमारी में क्या मिला?
9 और 10 सितंबर को बेंगलुरु, बेलगावी, गोकक और कोलकाता में चार जगहों पर ये तलाशी ली गईं। इस दौरान 3.3 करोड़ रुपए की बेहिसाब नकदी बरामद की गई। इसके अलावा, ED ने करीब 15 लाख रुपए मूल्य की विदेशी मुद्राएं भी जब्त कीं, जिनमें अमेरिकी डॉलर और यूरो शामिल हैं। एजेंसी ने कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस भी बरामद करने का दावा किया है, जिनसे ठेकेदारों से रिश्वत वसूली की जानकारी मिलती है।
किन लोगों पर हुई कार्रवाई?
जिन लोगों के ठिकानों पर तलाशी हुई, उनमें जारकीहोली के परिवार के सदस्य भी शामिल हैं। इनमें चिक्कोडी की सांसद और उनकी बेटी प्रियंका जारकीहोली, बेटे राहुल जारकीहोली और बहनोई वाई.डी. मंजूनाथ का नाम है। मंत्री के गोकक और बेंगलुरु स्थित आवासों के साथ-साथ उनके ऑफिस-कम-आवास पर भी छापेमारी की गई।
इसके अलावा, मंत्री के कई करीबी सहयोगियों, जैसे उनके ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) मालागौडा पाटिल, राजू दरगशेट्टी, विट्ठल परसनवर और गिरीश सोनवलकर के परिसरों की भी तलाशी ली गई। एक निजी कंपनी 'भारत वाणिज्य ईस्टर्न प्राइवेट लिमिटेड' (BVEPL) के अधिकारियों और मालिकों के ठिकानों पर भी छापे मारे गए।
विदेशी निवेश और रिश्वत के आरोप
ED के मुताबिक, 'भारत वाणिज्य ईस्टर्न प्राइवेट लिमिटेड' ने PWD से टेंडर हासिल करने के लिए भारी रिश्वत दी थी और इसी पैसे का इस्तेमाल कथित तौर पर विदेशी संपत्ति खरीदने में किया गया। जांच में पता चला कि जारकीहोली परिवार के सदस्यों ने कई विदेशी कंपनियों में हिस्सेदारी खरीदी थी।
एजेंसी ने बताया कि सतीश जारकीहोली ने कांगो की सोना खनन कंपनी 'मैग्नीट्यूड स्टार एसएआरएल' में करीब 40% हिस्सेदारी हासिल की थी। इसके अतिरिक्त, अफ्रीका में खनन संपत्ति रखने वाली अन्य विदेशी कंपनियों जैसे 'एल्डोराडो माइनिंग रिसोर्सेज' (कांगो) और 'नावा ऑरम माइनिंग लिमिटेड' (जाम्बिया) से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। ED के अनुसार, सबूतों से पता चलता है कि कांगो की कंपनी में गैर-कानूनी तरीकों से भारी नकद निवेश किया गया, जो विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) का उल्लंघन हो सकता है। फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है।
इनपुट: IANS



