पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की दिल्ली में मुलाक़ात, आर्थिक सहयोग और व्यापार पर हुई अहम चर्चा
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच नई दिल्ली में एक अहम द्विपक्षीय बैठक हुई। इस मुलाक़ात को प्रधानमंत्री मोदी ने 'बेहद सार्थक' बताया…
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच नई दिल्ली में एक अहम द्विपक्षीय बैठक हुई। इस मुलाक़ात को प्रधानमंत्री मोदी ने 'बेहद सार्थक' बताया, जिसमें दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को और प्रगाढ़ करने पर ज़ोर दिया गया। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, दोनों नेताओं ने भारत-रूस आर्थिक सहयोग कार्यक्रम 2030 को लागू करने की दिशा में हुई प्रगति पर भी विस्तार से बातचीत की।
यह बैठक दोनों नेताओं के बीच बिश्केक में हुई पिछली मुलाक़ात के दो हफ़्तों से भी कम समय में हुई। विदेश मंत्रालय (MEA) के मुताबिक, इस दौरान राजनीतिक, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष और लोगों के बीच संपर्क जैसे कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "आज की बैठक में हमने व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने, आर्थिक सहयोग कार्यक्रम 2030 के क्रियान्वयन, बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, रक्षा, संस्कृति समेत कई क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की।"
व्यापार और उद्योग को नई गति
दोनों नेताओं ने 9 से 11 सितंबर तक भारत में पहली बार आयोजित हुई रूस की अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक प्रदर्शनी 'इनोप्रोम इंडिया' का स्वागत किया। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इसे व्यापार और औद्योगिक सहयोग को विस्तार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि उन्होंने राष्ट्रपति पुतिन के साथ प्रदर्शनी का दौरा किया, जिसमें दोनों देशों की कई कंपनियों ने हिस्सा लिया। उन्होंने इसे भारत-रूस कारोबारी साझेदारी की बढ़ती गहराई का प्रतीक बताया।
वैश्विक मुद्दे और ब्रिक्स की भूमिका
बैठक के दौरान वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने पश्चिम एशिया और ब्लैक सी क्षेत्र में जारी संघर्षों पर बात की, जिनका असर समुद्री व्यापार और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर पड़ा है। प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर दोहराया कि इन संघर्षों का समाधान केवल संवाद और कूटनीति से ही संभव है और भारत शांति स्थापना के प्रयासों में हर संभव सहयोग देने को तैयार है। इसके अलावा, दोनों नेताओं ने भारत की 2026 की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत बहुपक्षीय सहयोग पर भी विचार-विमर्श किया।
अंत में, दोनों नेता भारत-रूस विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए लगातार संपर्क में बने रहने पर सहमत हुए। उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद दोनों देशों की साझेदारी लगातार मजबूत बनी हुई है।
इनपुट: IANS



