ब्राजील: अमेरिकी दूतावासों पर हमले की साजिश की जांच, पुलिस ने दो ठिकानों पर की छापेमारी
ब्राजील में अमेरिकी दूतावास और वाणिज्य दूतावासों को निशाना बनाने की एक कथित साजिश की जांच शुरू हो गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में फेडरल पुलिस ने साओ पाउलो और राजधानी…
ब्राजील में अमेरिकी दूतावास और वाणिज्य दूतावासों को निशाना बनाने की एक कथित साजिश की जांच शुरू हो गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में फेडरल पुलिस ने साओ पाउलो और राजधानी ब्रासीलिया के पास दो जगहों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई फेडरल डिस्ट्रिक्ट की एक निचली अदालत के जज से अनुमति मिलने के बाद की गई।
छापेमारी के दौरान, अधिकारियों ने दो संदिग्धों से जुड़े कंप्यूटर और मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं, जिनकी अब फॉरेंसिक जांच की जाएगी। हालांकि, पुलिस ने इस कार्रवाई को एक 'एहतियाती कदम' बताया है। अधिकारियों का कहना है कि अभी तक उन्हें कथित सुरक्षा खतरे की पुष्टि करने वाला कोई सबूत नहीं मिला है और न ही संदिग्धों का किसी आपराधिक संगठन से कोई संबंध सामने आया है।
चुनाव से पहले राजनयिक सेवाएं निलंबित
यह जांच और छापेमारी ऐसे समय में हुई है जब ब्राजील में रविवार को राष्ट्रपति चुनाव के लिए पहले दौर का मतदान होना है। इसी पृष्ठभूमि में, सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए ब्राजील में अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के राजनयिक मिशनों ने शुक्रवार को अपनी सार्वजनिक सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी थीं।
एक आधिकारिक सूचना के मुताबिक, ब्रासीलिया स्थित अमेरिकी दूतावास और साओ पाउलो, रियो डी जनेरियो, पोर्टो एलेग्रे तथा रेसिफ में मौजूद उसके सभी वाणिज्य दूतावासों ने अगली सूचना तक व्यक्तिगत कांसुलर सेवाएं निलंबित कर दी हैं। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, इसमें वीजा की प्रोसेसिंग और उसे जारी करने का काम भी शामिल है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
इस स्थिति को देखते हुए, ब्रासीलिया में अमेरिकी दूतावास के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं, जबकि साओ पाउलो में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के आसपास के कुछ इलाकों की घेराबंदी कर दी गई है। उधर, ऑस्ट्रेलिया ने भी ब्रासीलिया में स्थित अपने दूतावास को शुक्रवार को बंद रखा और अपने नागरिकों को ब्राजील में अमेरिकी राजनयिक ठिकानों से दूर रहने की सलाह दी। फिलहाल, यह पूरी जांच गोपनीय तरीके से की जा रही है, जिसमें विदेशी खुफिया एजेंसियों का सहयोग भी लिया जा रहा है।
इनपुट: IANS



