कटिहार: लोको पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा रेल हादसा, टूटी पटरी पर इमरजेंसी ब्रेक लगाकर रोकी ट्रेन
बिहार के कटिहार में शुक्रवार सुबह एक बड़ा रेल हादसा उस वक्त टल गया, जब एक लोको पायलट ने अपनी सतर्कता से सैकड़ों यात्रियों की जान बचा ली। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, डिब्रूगढ़-चंडीगढ़ एक्सप्रेस एक…
बिहार के कटिहार में शुक्रवार सुबह एक बड़ा रेल हादसा उस वक्त टल गया, जब एक लोको पायलट ने अपनी सतर्कता से सैकड़ों यात्रियों की जान बचा ली। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, डिब्रूगढ़-चंडीगढ़ एक्सप्रेस एक टूटी हुई पटरी के ऊपर से गुज़र रही थी, लेकिन चालक ने समय पर इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को पटरी से उतरने से बचा लिया।
यह घटना कटिहार-बरौनी रेल खंड पर सेमापुर स्टेशन के पास सुबह करीब 9 बजे हुई। ट्रेन संख्या 15904 (डिब्रूगढ़-चंडीगढ़ एक्सप्रेस) स्टेशन के यार्ड क्षेत्र में प्रवेश कर रही थी, जब उसके इंजन और एक डिब्बे के टूटी पटरी से गुज़रने पर लोको पायलट को एक ज़ोरदार खड़खड़ाहट की आवाज़ सुनाई दी। खतरे को भांपते हुए उन्होंने तुरंत ट्रेन रोक दी और गार्ड तथा स्टेशन मास्टर को सूचित किया।
धीमी गति बनी बचाव का कारण
हादसा टलने की एक बड़ी वजह ट्रेन की धीमी रफ़्तार थी। दरअसल, डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस को एक लूप लाइन पर जाना था ताकि पीछे से आ रही राजधानी एक्सप्रेस आगे निकल सके। इसी वजह से स्टेशन में प्रवेश करते समय ट्रेन की गति पहले से ही कम थी। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि अगर ट्रेन अपनी सामान्य तेज़ रफ़्तार में होती, तो पटरी से उतरने का गंभीर खतरा था, जिससे एक बड़ी दुर्घटना हो सकती थी।
दो घंटे तक रुकी रही ट्रेन, पटरी की हुई मरम्मत
घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे के तकनीकी कर्मचारी और अधिकारी मौके पर पहुँच गए। इनमें सीडब्ल्यूसीआई प्रेम प्रकाश, यूएसडी अमृत सागर और आरपीएफ आउटपोस्ट के प्रभारी मनोज कुमार सिंह शामिल थे। टीम ने सबसे पहले क्लैंप और फिशप्लेट लगाकर पटरी की अस्थायी मरम्मत की। इस प्रक्रिया के दौरान ट्रेन लगभग दो घंटे तक घटनास्थल पर ही खड़ी रही।
पटरी को सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद, ट्रेन को धीमी गति से आगे बढ़ाया गया। प्रभावित हिस्से को पार करने के बाद इंजीनियरिंग टीम ने वेल्डिंग के ज़रिए पटरी की स्थायी मरम्मत का काम पूरा किया। आरपीएफ प्रभारी मनोज कुमार सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पायलट द्वारा समय पर ट्रेन रोकने के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की और जल्द ही उस खंड पर ट्रेनों का परिचालन सामान्य कर दिया गया।
इनपुट: IANS



