बिहार बाढ़: वायुसेना ने संभाला मोर्चा, हेलीकॉप्टरों से सारण में 10 टन राहत सामग्री गिराई
बिहार के छह जिलों में बाढ़ से जूझ रहे लाखों लोगों तक मदद पहुंचाने के लिए अब भारतीय वायुसेना भी मैदान में उतर गई है। वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने सारण जिले के सबसे दुर्गम बाढ़ प्रभावित इलाकों में करीब…
बिहार के छह जिलों में बाढ़ से जूझ रहे लाखों लोगों तक मदद पहुंचाने के लिए अब भारतीय वायुसेना भी मैदान में उतर गई है। वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने सारण जिले के सबसे दुर्गम बाढ़ प्रभावित इलाकों में करीब 10 टन आवश्यक सामग्री गिराई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह कार्रवाई गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर और तटबंध टूटने के बाद 2 अक्टूबर को शुरू की गई।
सितंबर के आखिरी हफ्ते में नेपाल और सीमावर्ती इलाकों में हुई भारी बारिश के कारण राज्य के छह जिलों में करीब 4.93 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, दरभंगा और मुजफ्फरपुर के 30 प्रखंडों की 144 ग्राम पंचायतें प्रभावित हुई हैं।
वायुसेना का सघन राहत अभियान
पटना से उड़ान भरते हुए भारतीय वायुसेना की मध्य वायु कमान के हेलीकॉप्टरों ने दिनभर सारण के चकिया, पृथ्वीपुर, सतजोड़ा, करचोलिया और मकेर जैसे क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाई। रक्षा प्रकोष्ठ ने बताया है कि विषम परिस्थितियों के बावजूद यह अभियान जारी है, ताकि नागरिक प्रशासन को सहयोग मिल सके और जरूरतमंदों तक तत्काल सहायता पहुंचे।
जमीनी स्तर पर राहत और बचाव कार्य
राज्य सरकार भी राहत कार्यों में तेजी से जुटी है। आपदा प्रबंधन विभाग ने जानकारी दी है कि प्रभावित लोगों के लिए 242 सामुदायिक रसोई चलाई जा रही हैं, जहां अब तक 5.22 लाख से ज्यादा लोगों को भोजन कराया जा चुका है। इसके अलावा, अब तक लगभग 68,600 पॉलीथिन शीट और 64,100 ड्राई राशन पैकेट बांटे जा चुके हैं।
लोगों को सुरक्षित निकालने और आवागमन के लिए 323 नावों को लगाया गया है। त्वरित बचाव के लिए एनडीआरएफ की 14 और एसडीआरएफ की 28 टीमें तैनात हैं। साथ ही, दो राहत शिविर भी चल रहे हैं, जहां करीब 100 लोगों के रहने, खाने और चिकित्सा की व्यवस्था की गई है।
नदियों के जलस्तर की ताजा स्थिति
जल संसाधन विभाग की 3 अक्टूबर की सुबह की रिपोर्ट के मुताबिक, वाल्मीकिनगर गंडक बराज से पानी का डिस्चार्ज 71,730 क्यूसेक पर स्थिर है। वहीं, कोसी और सोन बराज से छोड़े जाने वाले पानी में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे थोड़ी राहत की उम्मीद है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
इनपुट: IANS



