अध्यक्ष सचिन पायलट ने मोदी सरकार पर साधा निशान कहा आम जनता का तानाशाही तरीके से किया शोषण

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राजस्थान: चुनाव को देखते हुए सभी पार्टियों एक दूसरे पर तंच कस रही है. पार्टियों के नेता एक-दूसरे पर निशान साधने का ऐसा कोई भी मौका न छोड़ रहें. राजस्थान में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने वाले है बीजेपी सरकार चुनाव जीतने को लेकर सारे हथकंडे अपनाती नजर आ रही है. इसी बीच राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट ने मोदी सरकार पर हलमा करते हुए कहा है कि भाजपा सरकार प्रदेश की आम जनता का तानाशाही तरीके से शोषण कर रही है.

आने वाले चुनावों में मोदी सरकार की विदाई तय है- सचिन पायलट 

उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार अब अपने कार्यकाल के अंतिम चरण पर है, और बीजेपी की कार्यशैली से यह तो तय हो चुका है कि आने वाले चुनावों में मोदी सरकार की विदाई तो तय है. राजसमन्द जिले में ‘मेरा बूथ-मेरा गौरव’ कार्यक्रम के दौरान पायलट ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर जयपुर में कुछ समय पहले ही सम्पन्न पीएम की रैली में सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया है.

प्रधानमंत्री को बुलाकर सरकारी खर्च पर करोड़ों रूपये पानी की तरह बहाया 

इस दौरान उन्होंने कहा कि जिस राज्य में किसान मजबूर होकर आत्महत्या कर रहा हो, वहां की सरकार के पास किसानों के लिए तो पैसे नहीं पर पीएम को जन संवाद के नाम पर बुलाकर सरकारी खर्च पर करोड़ों रूपये खर्च किये जा रहें है. उन्होंने आगे कहा कि यह पैसा जनकल्याण के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन यह साफ हो गया है कि भाजपा सरकार को सत्ता में रहना है लेकिन जनता की समस्याओं और उनकी सेवा का निवारण में बीजेपी सरकार को कोई दिलचस्पी नहीं है.

राज्य के मुख्यमंत्री ने सूरज संकल्प यात्रा के समय बड़े-बड़े वादे किए, आज सभी वादे चुनावी जुमले बनकर रह गए

पायलट ने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री ने अपने आखिरी चुनाव अभियान के दौरान राज्य के लोगों से सूरज संकल्प यात्रा के माध्यम से बड़े-बड़े वादे किए थे और आज सभी वादे चुनावी जुमले बनकर रह गए हैं, न युवाओं को रोजगार मिला, न महिलाएं सुरक्षित है और न ही दलित. किसानों के साथ जितने वादे किए गए है वह किसी से छिपे नहीं है और उसके परिणाम हम सभी के सामने है.

उन्हें कहा कि मुख्यमंत्री पिछले चार साल से न तो जनता से रूबरू हुई न उनकी वेदना सुनी है. अब फिर से मुख्यमंत्री सूरज गौरव यात्रा की तैयारी शुरी कर रही है, लेकिन वह जहां भी जाएंगी जनता उनसे पिछले चुनावों में किए गए वादों का हिसाब-किताब मांगेगी, जनता उनसे सवाल पूछेगी, लेकिन उनके पास जवाब नहीं होंगे.

 

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