बुधवार, 12 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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जुलाई में खुदरा महंगाई थोड़ी बढ़ी, पर आलू-टमाटर जैसी सब्ज़ियां हुईं सस्ती

जुलाई महीने में देश में खुदरा महंगाई की दर में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है, लेकिन रोज़मर्रा के इस्तेमाल की कुछ सब्ज़ियां सस्ती हुई हैं। सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय द्वारा बुधवार को…

जुलाई में खुदरा महंगाई थोड़ी बढ़ी, पर आलू-टमाटर जैसी सब्ज़ियां हुईं सस्ती
(फोटो: IANS)

जुलाई महीने में देश में खुदरा महंगाई की दर में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है, लेकिन रोज़मर्रा के इस्तेमाल की कुछ सब्ज़ियां सस्ती हुई हैं। सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में खुदरा महंगाई दर सालाना आधार पर 4.45% पर पहुंच गई। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह आंकड़ा जून के 4.38% के मुकाबले थोड़ा ज़्यादा है।

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मंत्रालय के आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि महंगाई का असर गांवों और शहरों में अलग-अलग रहा। जहां ग्रामीण इलाकों में खुदरा महंगाई 4.84% थी, वहीं शहरी क्षेत्रों में यह 3.96% के स्तर पर रही। खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर कुल मिलाकर 5.52% दर्ज की गई, जिसमें ग्रामीण खाद्य महंगाई 5.79% और शहरी 5.05% थी।

कौन सी चीज़ें महंगी हुईं और क्या सस्ता हुआ?

आंकड़ों का विश्लेषण बताता है कि जुलाई में सबसे ज़्यादा महंगाई चांदी के आभूषणों में देखी गई, जिनकी कीमत में साल-दर-साल 109.84% की भारी बढ़ोतरी हुई। इसके बाद अदरक (83.62%), लहसुन (35.36%), और सोना-हीरा-प्लैटिनम के आभूषण (32.98%) भी काफी महंगे हुए। प्याज की कीमतों में भी 22.54% की तेजी आई।

इसके विपरीत, आम लोगों को कुछ सब्ज़ियों की कीमतों में गिरावट से राहत मिली। आलू की कीमत में साल-दर-साल 16.56% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इसी तरह, भिंडी (-5.52%), मटर (-5.27%) और टमाटर (-4.59%) भी सस्ते हुए। जीप और मोटर कार की कीमतों में भी 6.72% की कमी देखी गई।

अलग-अलग राज्यों और RBI का अनुमान

देश के पांच राज्यों में महंगाई दर राष्ट्रीय औसत से काफी ज़्यादा रही। इनमें तेलंगाना (6.32%), आंध्र प्रदेश (5.72%), तमिलनाडु (5.44%), मध्य प्रदेश (4.91%), और कर्नाटक (4.89%) शामिल हैं।

इस महीने की शुरुआत में, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने वित्त वर्ष 27 के लिए खुदरा महंगाई दर 5% रहने का अनुमान जताया था। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा था कि लगातार 16 महीने तक 4% के लक्ष्य से नीचे रहने के बाद, जून में महंगाई दर 4.4% तक पहुंच गई थी। उन्होंने यह भी कहा था कि वैश्विक अस्थिरता के कारण अल्पावधि में महंगाई बढ़ सकती है, हालांकि पहली तिमाही में यह आरबीआई के अनुमान से 30 आधार अंक कम रही, जो सीमित लागत दबाव का संकेत है।

इनपुट: IANS

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