भारत-इज़राइल मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत तेज़, द्विपक्षीय संबंधों में विस्तार: राजदूत रुवेन अजार
भारत और इज़राइल के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर बातचीत आगे बढ़ रही है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। समाचार एजेंसी IANS से एक खास…
भारत और इज़राइल के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर बातचीत आगे बढ़ रही है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। समाचार एजेंसी IANS से एक खास बातचीत में इज़राइल के राजदूत रुवेन अजार ने कहा कि पिछले दो वर्षों में दोनों देशों के संबंधों में तेज़ी से विस्तार हुआ है।
राजदूत अजार के अनुसार, यह FTA सिर्फ़ व्यापारिक मुद्दों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे तकनीकी और निवेश सहयोग को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय निवेश संधि पर हस्ताक्षर होने से इज़राइली कंपनियों को भारत में निवेश के लिए एक सकारात्मक संकेत जाएगा। अजार ने कहा, "इजरायल ने अपने बाजार को पहले ही काफी हद तक खोल दिया है और दोनों देशों के बाजारों के आकार में बड़ा अंतर है। ऐसे में हाई-टेक क्षेत्र में सहयोग की काफी संभावनाएं हैं।"
रक्षा, कृषि और इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ता सहयोग
व्यापार के अलावा, भारत और इज़राइल के बीच रक्षा, कृषि, हाई-टेक और बुनियादी ढाँचे जैसे कई अन्य क्षेत्रों में भी साझेदारी मज़बूत हो रही है। राजदूत ने बताया, "रक्षा और कृषि में हमारा सहयोग बढ़ रहा है। हमने इजरायल में भारतीय कामगारों की संख्या दोगुनी कर दी है। हम भारतीय कंपनियों को इजरायल की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से जोड़ने और उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग बढ़ाने पर भी काम कर रहे हैं।"
प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व शैली की प्रशंसा
इज़राइली राजदूत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा, "पीएम मोदी ने भारत के विकास में परिवर्तनकारी भूमिका निभाई है।" अजार ने भारत में बुनियादी ढाँचे के विकास, आर्थिक सुधारों और युवा पीढ़ी के सशक्तीकरण का ज़िक्र करते हुए कहा कि भारत अब दुनिया के लिए पहले से कहीं ज़्यादा खुला है। उन्होंने इज़राइल में पीएम मोदी के स्वागत और संसद (नेसेट) में उनके भाषण को भी उल्लेखनीय बताया।
पश्चिम एशिया संकट और ईरान पर इज़राइल का रुख
पश्चिम एशिया के जटिल मुद्दों पर बात करते हुए अजार ने ईरान की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर दबाव बनाने के लिए कर रहा है, जो एक "बहुत अविवेकपूर्ण" कदम है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इज़राइल ने ईरान की परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं को गंभीर नुकसान पहुँचाया है, जिससे क्षेत्र में शक्ति संतुलन उसके पक्ष में बदला है। गाजा शांति योजना पर उन्होंने स्पष्ट किया कि हमास के पूर्ण निरस्त्रीकरण के बिना इज़राइल अपनी "येलो लाइन" से पीछे नहीं हटेगा।
इनपुट: IANS



