बिहार में रोजगार, शिक्षा और ऊर्जा पर सरकार के अहम फैसले, कैबिनेट ने 11 प्रस्तावों को दी मंजूरी
बिहार सरकार ने युवाओं के लिए कौशल विकास, छात्रों के लिए वित्तीय सहायता और राज्य में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने जैसे कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में…
बिहार सरकार ने युवाओं के लिए कौशल विकास, छात्रों के लिए वित्तीय सहायता और राज्य में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने जैसे कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 11 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई, जिनमें सरकारी नौकरियों से लेकर शहरी विकास तक के मुद्दे शामिल हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इन फैसलों का उद्देश्य रोजगार, शिक्षा और बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है।
रोजगार और कौशल विकास पर जोर
सरकार ने 'सात निश्चय-3' कार्यक्रम के तहत चल रहे कुशल युवा कार्यक्रम को अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ा दिया है। अब यह कार्यक्रम वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रहेगा, जिसके लिए पहले साल (2026-27) में 430 करोड़ रुपए के खर्च को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) में नामांकन प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है। अब निजी ITI की कुल स्वीकृत सीटों में से 50% पर नामांकन बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (BCECEB) के माध्यम से होगा।
ऊर्जा और शहरी विकास की नई पहल
ऊर्जा क्षेत्र में, बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड में विभिन्न श्रेणियों के कुल 221 नए पद सृजित किए जाएंगे, जिनमें सहायक और कनीय अभियंता जैसे तकनीकी पद शामिल हैं। साथ ही, 'प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' के तहत राज्य सरकार भी अपनी ओर से वित्तीय मदद देगी। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, आवासीय उपभोक्ताओं को केंद्र सरकार की सहायता के अलावा राज्य सरकार से अधिकतम 2 किलोवाट तक 10 हजार रुपए प्रति किलोवाट (कुल 20 हजार रुपए प्रति उपभोक्ता) की अतिरिक्त सहायता मिलेगी। इस पर एक साल में करीब 1,000 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। शहरी विकास के तहत, राज्य के चार शहरों – गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और बिहारशरीफ – में कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट लगाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए इन नगर निकायों में 10-10 एकड़ जमीन 25 वर्षों के लिए इंडियन ऑयल और गेल जैसी कंपनियों को निःशुल्क दी जाएगी।
उच्च शिक्षा और अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता देने वाली बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को भी 2026 से 2031 तक के लिए विस्तार दिया गया है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 950 करोड़ रुपए के व्यय को स्वीकृति मिली है। एक अन्य अहम फैसले में, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत राज्य के 300 से अधिक एकल शिक्षक-शिक्षा संस्थानों (बीएड कॉलेजों) को बहुविषयक डिग्री कॉलेजों में बदला जाएगा। इसके अतिरिक्त, कैबिनेट ने सामान्य प्रशासन विभाग के तहत विशेष सचिव संजय कुमार के संविदा नियोजन को एक वर्ष के लिए विस्तार दिया है और भारतनेट परियोजना से जुड़े एक समझौते पर हस्ताक्षर को भी मंजूरी दी है।
इनपुट: IANS



