जम्मू-कश्मीर: 21 सितंबर से शुरू होगा विधानसभा का शीतकालीन सत्र, उपराज्यपाल ने दी मंज़ूरी
जम्मू-कश्मीर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार की सिफारिश पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने विधानसभा का शीतकालीन सत्र बुलाने को मंज़ूरी दे दी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह सत्र 21…
जम्मू-कश्मीर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार की सिफारिश पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने विधानसभा का शीतकालीन सत्र बुलाने को मंज़ूरी दे दी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह सत्र 21 सितंबर से शुरू होगा, जिसमें कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि सत्र के दौरान एक बार फिर जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग प्रमुखता से उठाई जा सकती है।
वर्तमान में जम्मू-कश्मीर विधानसभा एक-सदनीय है, जिसका कार्यकाल पांच साल का होता है। इसमें 95 सदस्य हैं जो 95 निर्वाचन क्षेत्रों से सीधे चुनकर आते हैं। यह व्यवस्था 5 अगस्त, 2019 को संसद द्वारा पारित जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम के बाद लागू हुई थी। इस अधिनियम के तहत अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाने के साथ ही राज्य को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख नामक दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया गया था। इससे पहले, राज्य में द्विसदनीय विधायिका हुआ करती थी, जिसमें एक विधान परिषद (उच्च सदन) और एक विधानसभा (निम्न सदन) शामिल थी।
विधानसभा का मौजूदा स्वरूप
मौजूदा 13वीं विधानसभा का चुनाव सितंबर-अक्टूबर 2024 में संपन्न हुआ था। सदन में नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) 41 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सदन के नेता हैं। NC सरकार को कांग्रेस, CPI(M) और चार निर्दलीय सदस्यों का समर्थन हासिल है। सदन में भारतीय जनता पार्टी (BJP) 29 सीटों के साथ मुख्य विपक्षी दल है और सुनील शर्मा विपक्ष के नेता की भूमिका निभा रहे हैं।
अन्य दलों में कांग्रेस के पास 6, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) के पास 4 सीटें हैं, जबकि CPI(M), अवामी इत्तेहाद पार्टी, आम आदमी पार्टी और पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के पास एक-एक सीट है। सदन में 6 निर्दलीय सदस्य भी हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता अब्दुल रहीम राथर विधानसभा के अध्यक्ष हैं।
इनपुट: IANS



