ग्वालियर: व्यापमं मामले में दूसरे की जगह परीक्षा देते पकड़े गए सॉल्वर और अभ्यर्थी को 3-3 साल की सज़ा
मध्य प्रदेश के बहुचर्चित व्यापमं घोटाले से जुड़े एक मामले में ग्वालियर की स्पेशल कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने वाले सॉल्वर और मूल अभ्यर्थी, दोनों को…
मध्य प्रदेश के बहुचर्चित व्यापमं घोटाले से जुड़े एक मामले में ग्वालियर की स्पेशल कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने वाले सॉल्वर और मूल अभ्यर्थी, दोनों को तीन-तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, दोषियों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
यह मामला साल 2014 का है, जब गुना के एक सरकारी पीजी कॉलेज में परीक्षा के दौरान एक व्यक्ति को पकड़ा गया था। वह विपिन कुमार नामक उम्मीदवार बनकर परीक्षा दे रहा था, लेकिन कक्ष निरीक्षक (इनविजिलेटर) को जांच के दौरान उसके चेहरे का मिलान रिकॉर्ड में मौजूद तस्वीर से नहीं हुआ। इसके बाद कॉलेज के परीक्षा अधीक्षक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
क्या था पूरा मामला?
पूछताछ में आरोपी ने अपनी असली पहचान उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद निवासी अमितेश के रूप में बताई। उसने यह भी कबूल किया कि वह यूपी के ही मुरादाबाद के रहने वाले मूल उम्मीदवार विपिन कुमार की जगह परीक्षा दे रहा था। इस शिकायत के आधार पर 9 मार्च 2014 को गुना के कैंट पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई थी।
बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने संभाली। सीबीआई ने 5 अगस्त 2015 को यह मामला फिर से दर्ज किया और जांच पूरी होने के बाद 6 अक्टूबर 2016 को सॉल्वर अमितेश और उम्मीदवार विपिन कुमार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
अदालत का फैसला
बुधवार को इसी मामले में सुनवाई पूरी करते हुए ग्वालियर की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया। अदालत ने अमितेश और विपिन कुमार को तीन साल के कठोर कारावास और प्रत्येक पर 5,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
इनपुट: IANS



