बुधवार, 12 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल 18 अगस्त तक ED की हिरासत में

छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, यह…

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल 18 अगस्त तक ED की हिरासत में
(फोटो: IANS)

छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, यह गिरफ्तारी धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत की गई है। अग्रवाल पहले से ही रायपुर सेंट्रल जेल में एक विचाराधीन कैदी के तौर पर बंद थे।

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ईडी के रायपुर जोनल ऑफिस ने 11 अगस्त को पीएमएलए की धारा 19 के तहत अग्रवाल को गिरफ्तार किया और उन्हें रायपुर की विशेष पीएमएलए कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें सात दिनों की हिरासत की मंजूरी देते हुए 18 अगस्त तक ईडी की कस्टडी में भेज दिया है।

क्या हैं घोटाले के आरोप?

यह पूरा मामला 2019 से 2023 के दौरान छत्तीसगढ़ के आबकारी विभाग में कथित तौर पर हुए भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश से जुड़ा है। ईडी ने इस मामले की जांच रायपुर की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर शुरू की थी।

एजेंसी के अनुसार, एक सिंडिकेट ने राज्य के शराब कारोबार में बड़े पैमाने पर घोटाला किया, जिसमें सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर और आईटीएस अधिकारी अरुण पति त्रिपाठी शामिल थे। आरोप है कि इस सिंडिकेट ने कई तरीकों से करीब 3,000 करोड़ रुपए की अवैध कमाई की। इसमें हिसाब वाली शराब पर अवैध कमीशन लेना, बिना हिसाब वाली देसी शराब की बिक्री, डिस्टिलर्स से वार्षिक कमीशन और विदेशी शराब कंपनियों से लाइसेंस के बदले कमीशन वसूलना शामिल था।

रामगोपाल अग्रवाल की भूमिका

जांच एजेंसी का आरोप है कि इस अवैध कमाई का एक बड़ा हिस्सा नकद के रूप में रामगोपाल अग्रवाल को सौंपा गया था, जो उस समय छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष थे। ईडी के मुताबिक, PMLA की धारा 50 के तहत दर्ज बयानों से पता चला है कि यह पैसा अग्रवाल के कहने पर सिंडिकेट के लोगों द्वारा रायपुर के राजीव भवन (तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय) तक पहुँचाया गया था।

यह भी बताया गया है कि अग्रवाल इससे पहले ईडी द्वारा जारी किए गए चार समन पर पेश नहीं हुए थे। बाद में जब उन्होंने अपना बयान दर्ज कराया तो उनके जवाब टालमटोल भरे थे। एजेंसी ने कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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