बुधवार, 12 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
देश

मणिपुर: अवैध हथियारों के लिए 15 दिन की मोहलत, मुख्यमंत्री ने दी सरेंडर न करने पर कार्रवाई की चेतावनी

मणिपुर में शांति बहाली की कोशिशों के तहत मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने एक बड़ी अपील की है। उन्होंने पहाड़ी और घाटी, दोनों क्षेत्रों के लोगों से 15 दिनों के भीतर अवैध हथियार जमा करने को कहा है…

मणिपुर: अवैध हथियारों के लिए 15 दिन की मोहलत, मुख्यमंत्री ने दी सरेंडर न करने पर कार्रवाई की चेतावनी
(फोटो: IANS)

मणिपुर में शांति बहाली की कोशिशों के तहत मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने एक बड़ी अपील की है। उन्होंने पहाड़ी और घाटी, दोनों क्षेत्रों के लोगों से 15 दिनों के भीतर अवैध हथियार जमा करने को कहा है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस अवधि के बाद जिनके पास भी ऐसे हथियार पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन

इंफाल के प्रथम बटालियन मणिपुर राइफल्स परेड ग्राउंड में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने यह घोषणा की। इस कार्यक्रम में सुरक्षा बलों द्वारा बरामद किए गए हथियारों, गोला-बारूद और विस्फोटकों का प्रदर्शन भी किया गया। उन्होंने कहा कि लोग अपने विधायक या जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) के माध्यम से अवैध हथियार जमा करा सकते हैं।

राज्य में शांति स्थापना के प्रयास

मुख्यमंत्री सिंह ने कहा कि 3 मई 2023 को राज्य में जातीय हिंसा भड़कने के बाद से विकास पर बहुत बुरा असर पड़ा है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से शांति और सामान्य स्थिति की बहाली के लिए सरकार और सुरक्षा एजेंसियों का सहयोग करने का आग्रह किया। उनके अनुसार, 4 फरवरी 2026 को नई सरकार बनने के बाद से ही स्थायी शांति के लिए कई पहलें शुरू की गईं और राष्ट्रपति शासन के दौरान कानून-व्यवस्था को स्थिर किया गया था।

मुख्यमंत्री ने जिरीबाम जिले के अपने दौरे का भी जिक्र किया, जहां उन्होंने हमार, पाइते, मैतेई और मैतेई पंगल समुदायों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि इस मुलाकात से आपसी विश्वास बढ़ा और सभी ने शांति के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई।

बड़ी संख्या में हथियार बरामद

मणिपुर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मुकेश सिंह ने जानकारी दी कि जातीय हिंसा के दौरान लूटे गए लगभग 70 प्रतिशत हथियार बरामद कर लिए गए हैं। सरकारी रिपोर्टों के अनुसार, 3 मई 2023 को हिंसा शुरू होने के बाद भीड़ और उग्रवादियों ने पुलिस थानों और सुरक्षा बलों के शस्त्रागारों से 6,000 से ज्यादा अत्याधुनिक हथियार और लाखों कारतूस लूट लिए थे।

डीजीपी ने बताया कि इस साल फरवरी से अगस्त के बीच सुरक्षा एजेंसियों के संयुक्त अभियान में 1,422 हथियार, 7,000 से अधिक कारतूस और 1,137 विस्फोटक जब्त किए गए हैं। इसके अलावा, विभिन्न संगठनों के 491 उग्रवादियों को भी गिरफ्तार किया गया है।

राजमार्गों पर वसूली करने वालों पर होगी कार्रवाई

कार्यक्रम में मौजूद गृह मंत्री कोंथौजाम गोविंदास सिंह ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर जबरन वसूली और ट्रांसपोर्टरों को परेशान करने वालों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत मामला दर्ज करने पर विचार कर रही है। इस अवसर पर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित पुस्तक 'मणिपुर मार्चेस टू पीस' का वितरण किया गया और सरकार के कदमों पर एक लघु फिल्म भी दिखाई गई।

इनपुट: IANS

N

News4Social नेशनल डेस्क

News4Social नेशनल डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से राष्ट्रीय घटनाक्रम से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →