बुधवार, 12 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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रांची: JPSC प्रदर्शन स्थल पर आधी रात को पुलिस, भाजपा का आरोप- छात्रों को जबरन हटाने की कोशिश हुई

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) में कथित अनियमितताओं के खिलाफ रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के धरना स्थल पर देर रात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के पहुंचने से तनाव बढ़ गया। समाचार एजेंसी IANS के…

रांची: JPSC प्रदर्शन स्थल पर आधी रात को पुलिस, भाजपा का आरोप- छात्रों को जबरन हटाने की कोशिश हुई
(फोटो: IANS)

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) में कथित अनियमितताओं के खिलाफ रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के धरना स्थल पर देर रात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के पहुंचने से तनाव बढ़ गया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया है कि पुलिस अंधेरे की आड़ में छात्रों को जबरन हटाने की कोशिश कर रही थी। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि वे केवल असामाजिक तत्वों की जांच के लिए पहुंचे थे।

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यह घटनाक्रम रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम के पास हुआ, जहां छात्र अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। हाल ही में हुए विधानसभा मार्च के बाद से ही यह प्रदर्शन स्थल गहमागहमी का केंद्र बना हुआ है। देर रात वरिष्ठ अधिकारियों के पहुंचने की खबर मिलते ही भाजपा विधायक राज सिन्हा समेत कई नेता भी मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद छात्रों, नेताओं और अधिकारियों के बीच लंबी बातचीत चली।

भाजपा का प्रशासन पर हमला

भाजपा विधायक राज सिन्हा ने कहा, "हमें जानकारी मिली थी कि प्रशासन छात्रों को डराने-धमकाने आया था और रात में विरोध-प्रदर्शन वाली जगह को खाली कराने की कोशिश कर रहा था।" उन्होंने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर कार्रवाई करनी ही है तो दिन के उजाले में करें, रात में छात्र कहां जाएंगे?

वहीं, भाजपा नेता अमर कुमार बाउरी ने इसे बलपूर्वक हटाने की कोशिश करार दिया। उन्होंने कहा, "यह एक लोकतांत्रिक देश है और आप इस तरह से व्यवहार नहीं कर सकते। हम ऐसा कभी नहीं होने देंगे।" पूर्व विधायक भानु प्रताप शाही ने प्रशासन की इस कार्रवाई की तुलना अंग्रेजी हुकूमत से करते हुए कहा कि छात्रों को अकेला समझने की भूल नहीं करनी चाहिए।

छात्रों और पुलिस का पक्ष

एक छात्र नेता राजेश प्रसाद ने बताया कि एसएसपी, एसपी और डीसी समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने पहले भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों से मुलाकात की और उनके नाम-पते की जानकारी ली। उन्होंने अपनी मांग दोहराते हुए कहा, "जेएसएससी सीजीएल को रद्द किए जाने की हमारी मांग उचित है और इसका आधार सीआईडी की रिपोर्ट है। सरकार को हमारी मांग पूरी करनी चाहिए।"

दूसरी ओर, पुलिस अधिकारियों ने इन आरोपों को खारिज कर दिया। सिटी एसपी पारस राणा के मुताबिक, "हमें जानकारी मिली थी कि कुछ असामाजिक तत्व और बाहरी लोग यहां मौजूद हैं, इसलिए हम उनकी पहचान की पुष्टि करने और जांच करने आए थे।" सीओ शिव शंकर पांडे ने भी कहा कि वे यह सुनिश्चित करने आए थे कि भीड़ में कोई गड़बड़ी न हो। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस छात्रों की एक प्रोफाइल बनाना चाहती है, ताकि किसी भी अवांछित तत्व पर नजर रखने में मदद मिल सके।

इनपुट: IANS

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News4Social बिहार डेस्क

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