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तिब्बत पर अमेरिकी रुख सख्त: निर्वासित सरकार को मान्यता और दलाई लामा के भविष्य पर नया कानून पेश

अमेरिका में दो प्रमुख राजनीतिक दलों के सीनेटरों ने मिलकर एक ऐसा कानून पेश किया है, जिसका मकसद तिब्बत की निर्वासित सरकार के साथ संबंधों को और मजबूत करना है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, 'अश्योरिंग द…

तिब्बत पर अमेरिकी रुख सख्त: निर्वासित सरकार को मान्यता और दलाई लामा के भविष्य पर नया कानून पेश
(फोटो: IANS)

अमेरिका में दो प्रमुख राजनीतिक दलों के सीनेटरों ने मिलकर एक ऐसा कानून पेश किया है, जिसका मकसद तिब्बत की निर्वासित सरकार के साथ संबंधों को और मजबूत करना है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, 'अश्योरिंग द फ्यूचर ऑफ तिब्बत एक्ट' नाम के इस बिल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि 14वें दलाई लामा के बाद भी तिब्बत को अमेरिकी समर्थन मिलता रहे।

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इस द्विदलीय विधेयक को डेमोक्रेटिक सीनेटर जेफ मर्कले और रिपब्लिकन सीनेटर जिम रिस्क ने पेश किया है। उनके साथ सीनेटर जैकी रोसेन, टॉड यंग, टिम केन और रिक स्कॉट भी मूल सह-प्रायोजकों के तौर पर शामिल हैं। यह कानून केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (CTA) को तिब्बती लोगों का वैध प्रतिनिधि मानेगा और यह भी स्थापित करेगा कि तिब्बत-चीन विवाद का समाधान अमेरिका के रणनीतिक हित में है।

कानून के मुख्य प्रावधान

इस बिल के तहत अमेरिकी विदेश मंत्री को केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के चुने हुए प्रमुख 'सिक्योंग' और अन्य प्रतिनिधियों के साथ उच्चतम स्तर पर बातचीत करने का निर्देश दिया जाएगा। यह कानून वाशिंगटन को संयुक्त राष्ट्र में तिब्बती प्रशासन के लिए ऑब्जर्वर का दर्जा दिलाने और संयुक्त राष्ट्र प्रणाली में समान पहुंच के लिए वकालत करने के लिए भी बाध्य करेगा। इसके अलावा, यह 'गाडेन फोड्रंग ट्रस्ट' को दलाई लामा को मान्यता देने वाली एकमात्र संस्था के रूप में स्थापित करता है, ताकि भविष्य में भी तिब्बती धार्मिक नेतृत्व को अमेरिकी समर्थन जारी रहे।

चीन को कड़ा संदेश

विधेयक पेश करने वाले सीनेटरों ने चीन की नीतियों की आलोचना की। रिपब्लिकन सीनेटर जिम रिस्क ने कहा, "चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने तिब्बती संस्कृति, धर्म और भाषा को खत्म करने की कोशिश की है... यह बिल तिब्बती लोगों का समर्थन करता है, जो चीन की तानाशाही का विरोध करने में अहम सहयोगी हैं।" इसी तरह, डेमोक्रेट जेफ मर्कले ने कहा, "जब तक पीपल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत तिब्बत के अधिकारों को नजरअंदाज करता रहेगा, अमेरिका तिब्बती लोगों का साथ नहीं छोड़ेगा।"

कानूनी प्रक्रिया और पिछला समर्थन

यह सीनेट प्रस्ताव, प्रतिनिधि सभा में 22 मई को पेश किए गए एक समान बिल का साथी प्रस्ताव है। राष्ट्रपति के पास हस्ताक्षर के लिए भेजे जाने से पहले, दोनों प्रस्तावों को अपने-अपने सदनों से एक ही रूप में पारित होना होगा। पिछले एक दशक में अमेरिकी कांग्रेस ने तिब्बत के समर्थन में कई कानून बनाए हैं, जिनमें 'रेसिप्रोकल एक्सेस टू तिब्बत एक्ट' और 'तिब्बती पॉलिसी एंड सपोर्ट एक्ट' शामिल हैं। इस नए कदम का 'इंटरनेशनल कैंपेन फॉर तिब्बत' की प्रेसिडेंट तेनचो ग्यात्सो ने स्वागत किया है और इसे जल्द से जल्द पारित करने की अपील की है।

इनपुट: IANS

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