राजौरी में बाढ़ का कहर: फसलें तबाह, खेत बंजर, मुआवजे के लिए सर्वे शुरू
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में हाल ही में आई बाढ़ ने किसानों की कमर तोड़ दी है। उफनती नदियों और तेज बारिश ने धान और मक्के की खड़ी फसलों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है, जिससे प्रभावित परिवारों के…
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में हाल ही में आई बाढ़ ने किसानों की कमर तोड़ दी है। उफनती नदियों और तेज बारिश ने धान और मक्के की खड़ी फसलों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है, जिससे प्रभावित परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस तबाही के बाद कृषि विभाग ने नुकसान का आकलन करने के लिए पूरे जिले में एक सर्वेक्षण शुरू कर दिया है, ताकि किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा मिल सके।
बाढ़ का सबसे ज्यादा असर 'अथी' गांव जैसे इलाकों में देखने को मिला, जहां सैकड़ों कनाल उपजाऊ जमीन या तो बह गई या मलबे के नीचे दब गई। कई खेत मिट्टी के कटाव के कारण खेती के लायक ही नहीं बचे हैं। अधिकारियों ने जब प्रभावित किसानों से बात की तो उन्होंने बताया कि उनकी साल भर की मेहनत एक ही रात में पानी में बह गई।
नुकसान का आकलन और मुआवजे का भरोसा
मुख्य कृषि अधिकारी (CAO) राजेश वर्मा ने अपनी टीम के साथ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने IANS को बताया, “इस महीने की 19 तारीख को यहां अचानक बाढ़ आई थी। नदी के किनारे की वह सारी खेती वाली जमीन, जहां धान और मक्के की फसलें उगाई गई थीं, या तो बह गई है या मलबे से ढक गई है। खड़ी फसलें जमा हुई गाद और कीचड़ के नीचे दब गई हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है।”
विभाग ने किसानों को आश्वासन दिया है कि सर्वे पूरी पारदर्शिता से किया जाएगा और किसी भी प्रभावित को छोड़ा नहीं जाएगा। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत बीमित किसानों के दावों पर दिशानिर्देशों के अनुसार कार्रवाई होगी। वहीं, जिन किसानों का बीमा नहीं है, उनकी जानकारी भी सरकार को भेजी जाएगी ताकि अन्य राहत प्रावधानों के तहत उनकी मदद की जा सके।
किसानों की गुहार और प्रशासन की पहल
प्रभावित किसानों ने प्रशासन द्वारा तत्काल सर्वे शुरू किए जाने की सराहना की है। एक किसान ने कहा, “हमें भारी नुकसान हुआ है... सब कुछ बर्बाद हो गया है, और हमारी खेती की जमीन भी बह गई है। इसके बाद, कृषि विभाग के अधिकारी आए और हमें भरोसा दिलाया कि वे हमें किसी तरह का मुआवजा या मदद दिलाने में जरूर मदद करेंगे।” किसानों ने डिप्टी कमिश्नर अभिषेक शर्मा का भी आभार व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि केंद्र और जिला प्रशासन समय पर मुआवजा और पुनर्वास सहायता प्रदान करेंगे।
इनपुट: IANS



