शनिवार, 1 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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राजस्थान सरकार: स्कूलों की किताबों में वीडी सावरकर के नाम से हटाया ‘वीर’

कांग्रेस के नेतृत्व वाली राजस्थान सरकार ने स्कूली पाठ्य पुस्तकों में बड़ा बदलाव किया है।

राजस्थान सरकार: स्कूलों की किताबों में वीडी सावरकर के नाम से हटाया ‘वीर’

कांग्रेस के नेतृत्व वाली राजस्थान सरकार ने स्कूली पाठ्य पुस्तकों में बड़ा बदलाव किया है। दरअसल, कहा यह जा रहा है कि राज्य सरकार ने 12वीं की इतिहास की किताब में संशोधन करते हुए विनायक दामोदर सावरकर के नाम के आगे से ‘वीर’ शब्द हटा लिया है। कांग्रेस के इस फ़ैसले से सियासी गलियारों में हलचल तेज़ होने की आशंका है।

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छः महीने पहले भाजपा को मात देकर राज्य की सत्ता पर काबिज़ हुई कांग्रेस सरकार ने केन्द्र की एनडीए सरकार के 2014-2019 के कार्यकाल दौरान स्कूल पाठ्य पुस्तक में किए बदलावों में संशोधन किया है। अब कक्षा 12वीं की किताबों में वीर सावरकर का सिर्फ विनायक दामोदर सावकर रहेगा। यानि उनके नाम में अब ‘वीर’ नहीं होगा।

दरअसल, राजस्थान बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (RBSE) के लिए छपी पुस्तकें राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक बोर्ड (RSTB) द्वारा बाज़ार में वितरित की गई हैं। यह परिवर्तन इस वर्ष 13 फरवरी को गठित पाठ्यपुस्तक समीक्षा समिति द्वारा की गई सिफारिशों के बाद किया गया है। जिससे यह अध्ययन किया जा सके कि राजनीतिक हितों की पूर्ति और इतिहास को विकृत करने के लिए स्कूल की पाठ्यपुस्तकों में पहले बदलाव किए गए थे या नहीं।

12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लि छपी नई नई किताब में अब वीर सावरक का नाम विनायक दामोदर सावरकर है। जिसमे लिखा गया है कि कैसे जेल में बंद होने के दौरान सावरकर ने अंग्रेजों को चार बार दया याचिका के लिए पत्र लिखा। यही नहीं दूसरी दया याचिका में उन्होंने खुद को पुर्तगाली बताया और सावरकर ने भारत को हिंदू देश बनाने की दिशा में काम किया। इस किताबों में यह भी लिखा है कि सावरकर ने 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन का विरोध किया और पाकिस्तान के गठन का भी विरोध किया था।

नई छपी किताबों में सावरकर के बारे में कई ऐसी चीजें लिखी गईं हैं जिनको लेकर राजनीति तेज हो सकती है। इसमें बताया गया है कि कैसे सावरकर को 30 जनवरी 1948 में गांधी की हत्या के बाद गोडसे को उनकी हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया और उनपर केस चला, बाद में उन्हें इस मामले से बरी कर दिया गया। नई किताबों में महाराणा प्रताप और अकबर के बीच युद्ध का भी नए तरीके से ज़िक्र है।

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Akshay Jinghalia

अक्षय झिंगलिया News4Social के कंटेंट राइटर हैं, जो राष्ट्रीय और राज्य स्तर की ख़बरों, राजनीति और समसामयिक विषयों पर रिपोर्टिंग करते हैं। उनका ज़ोर तथ्यों की सटीकता और संतुलित, ज़िम्मेदार रिपोर्टिंग पर रहता है। सभी लेख देखें →

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