ओडिशा: CM मोहन चरण माझी ने ACF सौम्य रंजन महापात्रा मौत मामले में IFS अधिकारी को निलंबित किया
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने एक अहम फैसला लेते हुए भारतीय वन सेवा (IFS) के अधिकारी संग्राम केशरी बेहरा को निलंबित करने का आदेश दिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, बेहरा पर 2021 में सहायक…
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने एक अहम फैसला लेते हुए भारतीय वन सेवा (IFS) के अधिकारी संग्राम केशरी बेहरा को निलंबित करने का आदेश दिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, बेहरा पर 2021 में सहायक वन संरक्षक (ACF) सौम्य रंजन महापात्रा की मौत के मामले में गंभीर आरोप हैं, जिसके बाद उन्होंने हाल ही में आत्मसमर्पण किया था और अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
वर्तमान में बेहरा ओडिशा वन विकास निगम (OFDC) में निदेशक (वाणिज्यिक) के पद पर तैनात थे। यह निलंबन उस घटना के संबंध में है जब वे गजपति जिले में प्रभागीय वन अधिकारी (DFO) के रूप में कार्यरत थे।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला 2021 का है, जब परलाखेमुंडी वन प्रभाग के तत्कालीन ACF सौम्य रंजन महापात्रा की मौत हो गई थी। इस घटना ने उस समय काफी सनसनी मचा दी थी। सरकारी वकील राजेश कुमार ने IANS को बताया था, "पूरा मामला यह था कि 2021 में यहां एक एसीएफ की हत्या कर दी गई थी।... इस मामले में जानकारी सामने आई थी कि तत्कालीन डीएफओ संग्राम केशरी बेहरा के अलावा एसीएफ की पत्नी का भी हाथ है, लेकिन उस वक्त पुलिस को जांच में कोई सबूत हाथ नहीं लगा था।"
न्यायिक प्रक्रिया और आत्मसमर्पण
मामले में बाद में एक प्रोटेस्ट पिटीशन दायर की गई, जिसके बाद बेहरा के खिलाफ सबूत मिलने की बात सामने आई। वकील रजत कुमार पात्रो ने IANS को बताया कि बेहरा के खिलाफ निचली अदालत में हत्या (धारा 302) और आपराधिक साजिश (120बी) के तहत FIR दर्ज की गई थी और उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) भी जारी हुआ था।
बेहरा ने इस वारंट से बचने के लिए हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक का दरवाजा खटखटाया, लेकिन उनकी विशेष अनुमति याचिका (SLP) खारिज हो गई। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद उन्हें आत्मसमर्पण करना पड़ा, जिसके बाद उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
इनपुट: IANS



