शरद यादव पर कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पाए नीतीश

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जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक आज साढ़े दस बजे से पटना में  मुख्यमंत्री आवास,1 अणे मार्ग पर शुरू हुई। बैठक में जदयू के सभी आमंत्रित 70 सदस्यों में से 67 सदस्य शामिल हुए। एनडीए में शामिल होने के प्रस्ताव पर मुहर लगने के बाद नेता आरसीपी सिंह ने संगठन प्रस्ताव पेश किया।

पार्टी के सदस्यों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार से शरद यादव पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने को लेकर उनपर कड़ी कार्रवाई करने की बात कही, लेकिन इसे फिलहाल टाल दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक अभी पार्टी उनकी गतिविधियों का आकलन कर रही है और संभवत: लालू यादव की 27 अगस्त की रैली के बाद ही इसपर फैसला होगा।

शरद पर कार्रवाई क्यों नहीं

शरद यादव पर कार्रवाई को लेकर हो सकता है कि नीतीश कुमार को लगता हो कि इस वक्त कार्रवाई करने से पार्टी के कुछ और नेता भी बागी हो सकते हैं। इससे पार्टी के अंदर हो ना हो शरद यादव की ताकत ज्यादा बढ़ जाए। शरद यादव को सहानुभूति का भी लाभ हो सकता है और वो (शरद) ज्यादा मुखर भी हो सकते हैं। कुछ भी हो अब तक शरद यादव ने खुलकर नीतीश कुमार का व्यक्तिगत रूप से आलोचना नहीं किया है। अभी वैसे भी श्रृजन घोटाले के बाद नीतीश कुमार के खिलाफ विपक्ष को एक बड़ा मुद्दा मिल गया है। इस कारण से नीतीश कुमार कोई भी कदम बहुत ही समझदारी से उठाना चाहते हैं।

शरद यादव भी पहुंचे पटना

वहीं, जदयू के बागी नेता शरद यादव भी पटना पहुंच चुके हैं। पटना एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करने के लिए काफी संख्या में समर्थक मौजूद रहे। शरद यादव जिंदाबाद के नारे लगाए गए। आज वो एसकेएम हॉल में जन अदालत सम्मेलन को संबोधित करेंगे। उनके साथ ही रमई राम भी दिखे । शरद खेमे के रामधनी सिंह भी बैठक में शामिल हुए।

अब इंतजार इस बात का है कि क्या इन बैठकों के बाद नीतीश और शरद में बढ़ गई दूरी कभी कम हो पाएगी। क्या जदयू में सबकुछ फिर से ठीक हो पाएगा या ये लड़ाई भी समाजवादी पार्टी की तरह चुनाव आयोग के दरबार में ही जाकर सुलझेगी।

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