गुरूवार, 13 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
पंजाब

भगवंत मान सरकार के खिलाफ किसानों का फिर हल्ला-बोल, सरवन सिंह पंधेर ने किया चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान

पंजाब में किसान एक बार फिर अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरने की तैयारी में हैं। किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) के नेता सरवन सिंह पंधेर ने भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार पर चुनावी वादे…

भगवंत मान सरकार के खिलाफ किसानों का फिर हल्ला-बोल, सरवन सिंह पंधेर ने किया चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान
(फोटो: IANS)

पंजाब में किसान एक बार फिर अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरने की तैयारी में हैं। किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) के नेता सरवन सिंह पंधेर ने भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार पर चुनावी वादे पूरे न करने का आरोप लगाते हुए आंदोलन का बिगुल फूँक दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, पंधेर ने कहा कि सत्ता में आने से पहले किए गए वादों को अब सरकार को पूरा करना होगा, वरना किसान चरणबद्ध तरीके से अपना विरोध तेज करेंगे।

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मोर्चा ने अपनी मांगों को लेकर एक पूरी रणनीति तैयार की है, जिसकी शुरुआत 31 अगस्त को जिला उपायुक्त (डीसी) कार्यालयों के सामने एक दिवसीय धरने से होगी। पंधेर ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने इसके बाद भी बातचीत शुरू नहीं की तो 14 सितंबर से पांच दिनों तक मंत्रियों का घेराव किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि फिर भी कोई समाधान नहीं निकला तो किसान 'रेल रोको' जैसे कड़े कदम उठाने पर विचार करेंगे।

क्या हैं किसानों की मुख्य मांगें?

किसान नेताओं ने सरकार के सामने कई पुरानी और नई मांगें रखी हैं। पंधेर ने भगवंत मान के एक पुराने इंटरव्यू का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने 23 फसलों की खरीद का वादा किया था। इसी वादे को याद दिलाते हुए मोर्चा पहले चरण में पांच प्रमुख फसलों—मूंग, बासमती, मक्का, आलू और सरसों—की सरकारी खरीद सुनिश्चित करने की मांग कर रहा है।

इसके अलावा, प्रमुख मांगों में शामिल हैं:

  • किसानों और मजदूरों की कर्जमाफी।
  • सिंधु और खनौरी बॉर्डर पर हुए आंदोलन के दौरान घायल हुए 450 से ज्यादा लोगों को मुआवजा।
  • आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों के परिवारों को मुआवजा और सरकारी नौकरी।
  • किसानों पर आंदोलन के दौरान दर्ज किए गए सभी मामले (पुलिस, रेलवे और पराली से जुड़े) वापस लेना।
  • पिछले साल आई बाढ़ से प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा।

पानी का मुद्दा और अन्य विषय

सरवन सिंह पंधेर ने पंजाब के पानी के बंटवारे के विवाद को भी आंदोलन की मांगों में जोड़ा है। उन्होंने कहा कि राज्यों के बीच पानी का विवाद 'रिपेरियन सिद्धांत' के आधार पर हल किया जाना चाहिए और भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड के मामले में पंजाब के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने राजनीतिक कैदियों की रिहाई की मांग का भी समर्थन करते हुए कहा कि जिन कैदियों ने अपनी सजा पूरी कर ली है, उन्हें मानवीय आधार पर रिहा किया जाना चाहिए।

आंदोलन की तैयारी के लिए किसान मजदूर मोर्चा 25 अगस्त से गांव-गांव में पोस्टर अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करेगा। यह अभियान सरकार को उसके वादे याद दिलाने और किसानों के मुद्दों को जनता तक पहुंचाने के लिए होगा।

इनपुट: IANS

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News4Social पंजाब डेस्क

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