बुधवार, 12 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
पंजाब

पंजाब के गांवों की सड़कें होंगी रोशन, 470 करोड़ रुपये से लगेंगी 3 लाख सोलर स्ट्रीटलाइट

पंजाब के ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने और सुरक्षा बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक बड़ी परियोजना का ऐलान किया है। इसके तहत प्रदेश के हर गांव में तीन लाख एलईडी-आधारित सोलर…

पंजाब के गांवों की सड़कें होंगी रोशन, 470 करोड़ रुपये से लगेंगी 3 लाख सोलर स्ट्रीटलाइट
(फोटो: IANS)

पंजाब के ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने और सुरक्षा बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक बड़ी परियोजना का ऐलान किया है। इसके तहत प्रदेश के हर गांव में तीन लाख एलईडी-आधारित सोलर स्ट्रीटलाइट लगाई जाएंगी, जिस पर कुल 470 करोड़ रुपये की लागत आएगी। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह कदम राज्य की बड़ी ग्रामीण आबादी की सुरक्षा, कनेक्टिविटी और सस्टेनेबिलिटी को बेहतर बनाने की दिशा में उठाया गया है।

विज्ञापन

राज्य के नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत मंत्री अमन अरोड़ा ने बुधवार को चंडीगढ़ में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस परियोजना की खास बात यह है कि इसका 70 प्रतिशत खर्च मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार उठाएगी, जबकि ग्राम पंचायतों को केवल 30 प्रतिशत हिस्सा देना होगा। यह पहले के 30:70 के अनुपात से बिल्कुल अलग है, जिससे पंचायतों पर काफी आर्थिक बोझ पड़ता था।

परियोजना का प्रबंधन और रखरखाव

इस पूरी परियोजना को लागू करने की ज़िम्मेदारी पंजाब एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (PEDA) को नोडल एजेंसी के तौर पर दी गई है। PEDA न केवल नई सोलर स्ट्रीटलाइट लगाने का काम देखेगी, बल्कि मौजूदा सिस्टम की मरम्मत और नवीनीकरण की भी निगरानी करेगी। मंत्री अमन अरोड़ा के मुताबिक, पंचायतों से मिले फीडबैक के आधार पर इन लाइटों के रखरखाव की अवधि को 5 साल से बढ़ाकर 7 साल कर दिया गया है, ताकि ये लंबे समय तक सुचारू रूप से काम कर सकें।

तकनीक और पारदर्शिता

परियोजना में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। हर स्ट्रीटलाइट की जियो-टैगिंग होगी, उसे एक यूनिक पहचान और क्यूआर कोड दिया जाएगा। शिकायतों के निपटारे के लिए IVRS-आधारित प्रणाली होगी और कामकाज पर नज़र रखने के लिए एक रिमोट मॉनिटरिंग सिस्टम भी स्थापित किया जाएगा। यह सिस्टम किसी भी खराबी की स्थिति में ऑटोमैटिक अलर्ट भेजेगा ताकि 72 घंटों के भीतर मरम्मत हो सके।

किन जगहों को मिलेगी प्राथमिकता

श्री अरोड़ा ने स्पष्ट किया कि स्ट्रीटलाइट लगाने के लिए जगहों का चुनाव करते समय सार्वजनिक स्थानों को प्राथमिकता दी जाएगी। इनमें गांव की 'फिरनी', स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र, सरकारी स्वास्थ्य केंद्र, धार्मिक स्थल और घनी आबादी वाले इलाके शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल दर्शाती है कि सरकार समावेशी ग्रामीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और इसका लाभ सबसे कमजोर वर्गों तक सबसे पहले पहुंचाना चाहती है। गौरतलब है कि पंजाब की लगभग 173.20 लाख, यानी 62.51 प्रतिशत आबादी ग्रामीण इलाकों में रहती है, जहां अंधेरी सड़कों पर अक्सर दुर्घटनाओं और अपराध का खतरा बना रहता है।

इनपुट: IANS

N

News4Social पंजाब डेस्क

News4Social पंजाब डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से पंजाब से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →