बुधवार, 12 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
अपराध

मगध-आम्रपाली कोयला प्रोजेक्ट: टेरर फंडिंग मामले में NIA कोर्ट का बड़ा फैसला, 14 दोषी करार

झारखंड की मगध और आम्रपाली कोल परियोजनाओं से जुड़े चर्चित टेरर फंडिंग मामले में रांची की एक विशेष NIA अदालत ने अपना अहम फैसला सुनाया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत ने इस मामले में…

मगध-आम्रपाली कोयला प्रोजेक्ट: टेरर फंडिंग मामले में NIA कोर्ट का बड़ा फैसला, 14 दोषी करार
(फोटो: IANS)

झारखंड की मगध और आम्रपाली कोल परियोजनाओं से जुड़े चर्चित टेरर फंडिंग मामले में रांची की एक विशेष NIA अदालत ने अपना अहम फैसला सुनाया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत ने इस मामले में सुनवाई का सामना कर रहे 14 आरोपियों को दोषी ठहराया है, जबकि एक आरोपी को बरी कर दिया गया है। दोषियों की सजा का ऐलान 18 अगस्त को किया जाएगा।

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यह पूरा मामला प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी (TPC) को आर्थिक मदद पहुंचाने से जुड़ा है। NIA ने अपनी जांच में दावा किया था कि इन कोयला परियोजनाओं में एक संगठित नेटवर्क के जरिए टेरर फंडिंग की जा रही थी। एजेंसी के अनुसार, इस काम में CCL, पुलिस, उग्रवादियों और शांति समिति से जुड़े लोगों के बीच एक कथित सांठगांठ भी थी।

कैसे काम करता था यह नेटवर्क?

जांच एजेंसी के अनुसार, टेरर फंडिंग का यह नेटवर्क कोयला ढुलाई के ठेकों के माध्यम से चलाया जा रहा था। TPC को लेवी (अवैध वसूली) देने के लिए मगध और आम्रपाली परियोजनाओं में कोयला ढुलाई के ठेके जानबूझकर ऊंची दरों पर लिए गए थे। इस नेटवर्क के जरिए उग्रवादी संगठन को लगातार आर्थिक संसाधन मुहैया कराए जा रहे थे।

बुधवार को आए फैसले में अदालत ने जिन 14 लोगों को दोषी ठहराया है, उनमें विनोद गंझू, मुनेश गंझू, बिरबल गंझू, बिंदु गंझू, कोहराम, सुभान मियां, संजय जैन, प्रेम विकास, मुकेश गंझू, भीखन गंझू, गोपाल सिंह भोक्ता और अनिश्चय गंझू शामिल हैं। इनमें से कुछ TPC के उग्रवादी थे तो कुछ संगठन के लिए लेवी वसूलने का काम करते थे।

एक आरोपी बरी, एक का मामला अलग

इस मामले में आम्रपाली कोल परियोजना के CCL महाप्रबंधक अजीत कुमार ठाकुर को अदालत ने बरी कर दिया है। वहीं, एक अन्य आरोपी आक्रमण जी का मामला अलग से चल रहा है।

यह मामला मूल रूप से 2016 में टंडवा थाने में दर्ज हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए NIA ने 13 फरवरी 2018 को इसे अपने हाथ में ले लिया था। जांच पूरी करने के बाद एजेंसी ने कुल 16 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था, जिस पर NIA की विशेष अदालत में सुनवाई चल रही थी।

इनपुट: IANS

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News4Social क्राइम डेस्क

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