पंजाब: फार्मासिस्ट भर्ती पर हाईकोर्ट की रोक, पेपर लीक के आरोपों पर 'आप' सरकार को बीजेपी ने घेरा
पंजाब में फार्मासिस्ट अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है। यह फैसला भर्ती परीक्षा में पेपर लीक होने के गंभीर आरोपों के बाद आया है, जिसे लेकर केशव कंबोज…
पंजाब में फार्मासिस्ट अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है। यह फैसला भर्ती परीक्षा में पेपर लीक होने के गंभीर आरोपों के बाद आया है, जिसे लेकर केशव कंबोज और अन्य याचिकाकर्ताओं ने अदालत में एक याचिका दायर की थी। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस अदालती रोक के बाद राज्य की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार और विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच सियासी घमासान छिड़ गया है।
याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर यह अंतरिम रोक लगाई है। इस घटनाक्रम ने पंजाब सरकार के पारदर्शी भर्ती के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बीजेपी का 'आप' सरकार पर हमला
हाईकोर्ट के फैसले के तुरंत बाद बीजेपी ने भगवंत मान सरकार पर तीखा हमला बोला। पार्टी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "'आप' का सबसे बड़ा झूठ आज अदालत की मुहर के साथ बेनकाब हो गया।" बीजेपी ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी लंबे समय से पंजाब में किसी भी पेपर लीक से इनकार करती रही है, लेकिन अदालत के इस कदम ने उनके दावों की पोल खोल दी है। पार्टी ने कहा, "भगवंत मान सरकार की 'पारदर्शी भर्ती' की कहानी अब पूरी तरह से बेनकाब हो चुकी है।"
पंजाब बीजेपी ने भी इसे पेपर लीक मामले पर 'न्यायिक मुहर' बताते हुए सवाल किया, "अब आम आदमी पार्टी क्या प्रतिक्रिया देगी? क्या वे अब भी पेपर लीक से इनकार करेंगे, या कोर्ट के रिकॉर्ड देखने के बाद झूठे दावे करना बंद कर देंगे?"
अमित मालवीय ने भी साधा निशाना
बीजेपी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने भी इस मुद्दे पर पंजाब सरकार को घेरा। उन्होंने लिखा, "'आप' का सबसे पसंदीदा बचाव हमेशा यही रहा है: 'पंजाब में कोई पेपर लीक नहीं हुआ।' अब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पेपर लीक मामले पर न्यायिक मुहर लगाते हुए फार्मेसी ऑफिसर भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी है।"
मालवीय ने कुछ छात्र संगठनों की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने लिखा, "सीजेपी, दिपके और उनकी टीम कहां है? वही लोग जो खुद को 'छात्रों की आवाज' बताते हैं और भाजपा पर निशाना साधने का कोई मौका नहीं छोड़ते। पंजाब के मामले में उनकी आवाज क्यों नहीं सुनाई दे रही? यह चुप्पी क्यों है?" उन्होंने आरोप लगाया कि इन संगठनों का गुस्सा राजनीति से प्रेरित है, छात्रों के हितों से नहीं।
इनपुट: IANS



