अरुणाचल: बाढ़ में तबाह पुल BRO ने रिकॉर्ड समय में बनाया, चीन सीमा के पास गांव का संपर्क फिर जुड़ा
भारत-चीन सीमा के पास अरुणाचल प्रदेश के एक दूरदराज गांव का संपर्क पिछले महीने आई बाढ़ के कारण टूट गया था, जिसे अब सीमा सड़क संगठन (BRO) ने फिर से बहाल कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के…
भारत-चीन सीमा के पास अरुणाचल प्रदेश के एक दूरदराज गांव का संपर्क पिछले महीने आई बाढ़ के कारण टूट गया था, जिसे अब सीमा सड़क संगठन (BRO) ने फिर से बहाल कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, BRO ने कुरुंग कुमे जिले के हुरी गांव में 200 फीट लंबा बेली ब्रिज बनाकर इस इलाके को मुख्य धारा से दोबारा जोड़ा है।
यह पुल उस पुराने पुल की जगह बनाया गया है जो 11 जुलाई की रात अचानक आई बाढ़ में बह गया था। पुल के बह जाने से पूरा इलाका कट गया था, जिससे लोगों की आवाजाही, जरूरी सामानों की आपूर्ति और स्वास्थ्य जैसी आपातकालीन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई थीं।
रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पुल
हुरी गांव कुरुंग कुमे जिले के दामिन सर्किल में स्थित है और वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के करीब होने के कारण रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए, यहां सड़क संपर्क बहाल करना न केवल स्थानीय आबादी के लिए, बल्कि सामरिक दृष्टि से भी आवश्यक था।
बीआरओ के प्रोजेक्ट अरुणांक ने इस चुनौती को मिशन मोड में पूरा किया। 756 बॉर्डर रोड्स टास्क फोर्स की 85 रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी की टीमों ने बेहद मुश्किल हालात में काम किया। लगातार भारी बारिश, नदी का तेज बहाव, कमजोर जमीन और दुर्गम पहाड़ी इलाके जैसी बाधाओं के बावजूद पुल का निर्माण किया गया।
चुनौतियों के बीच पूरा हुआ काम
एक प्रवक्ता ने बताया कि दूरदराज का इलाका होने, निर्माण सामग्री की सीमित उपलब्धता और बार-बार होने वाले भूस्खलन ने इस काम को और भी मुश्किल बना दिया था। इन चुनौतियों के बावजूद, बीआरओ के जवानों ने दिन-रात काम करके न्यूनतम संभव समय में पुल तैयार कर दिया।
इस मिशन में सिर्फ पुल बनाना ही नहीं, बल्कि भूस्खलन से आए मलबे को हटाना, क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत करना और संपर्क मार्गों को मजबूत करना भी शामिल था। पुल के दोबारा बनने से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है और बीआरओ का आभार जताया है। इससे उनके दैनिक जीवन, रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं की बहाली संभव हो सकेगी।
इनपुट: IANS



