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जानिए कब मनाई जाएगी बकरीद और क्‍या है बकरीद मानाने का इतिहास?

ईद-अल-अधा, जिसे 'कुर्बानी का त्योहार' के रूप में भी जाना जाता है. इस्लाम धर्म में यह त्योहार इब्राहिम के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए मनाया जाता है.

जानिए कब मनाई जाएगी बकरीद और क्‍या है बकरीद मानाने का इतिहास?

ईद-अल-अधा, जिसे 'कुर्बानी का त्योहार' के रूप में भी जाना जाता है. इस्लाम धर्म में यह त्योहार इब्राहिम के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए मनाया जाता है. अल्लाह के आदेश को मानते हुए इब्राहीम अपने बेटे इस्माइल की कुर्बानी देने के लिए तैयार हो गए थे. हालांकि, ऐसा होने से पहले अल्लाह ने कुर्बानी के लिए एक मेमना दे दिया था. इसी वजह से इस त्योहार को बकरीद के तौर पर जाना जाता है.

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ईद-अल-अधा इस्लामिक चंद्र कैलेंडर के धू अल-हिजाह (बारहवें और अंतिम महीने) के 10 वें दिन से शुरू होता है और चार दिन बाद समाप्त हो जाता है. इस साल, 31 जुलाई (शुक्रवार) को दुनिया भर में बकरीद का जश्न शुरू होगा, जैसा कि सऊदी अरब द्वारा ऐलान किया गया है. हालांकि, दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम ने कहा कि बकरीद 1 अगस्त (शनिवार) को भारत में चांद के दीदार के बाद मनाई जाएगी.

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इस्लाम में बकरीद का विशेष महत्व है. इस्लामिक मान्यता के मुताबिक हजरत इब्राहिम ने अपने बेटे हजरत इस्माइल को इसी दिन खुदा के हुक्म पर खुदा की राह में कुर्बान किया था. तब खुदा ने उनके जज्बे को देखकर उनके बेटे को जीवन दान दिया था. इस पर्व को हजरत इब्राहिम की कुर्बानी की याद में ही मनाया जाता है. इसके बाद अल्लाह के हुक्म के साथ इंसानों की जगह जानवरों की कुर्बानी देने का इस्लामिक कानून शुरू किया गया. 

परंपरागत रूप से, बकरीद के दिन कुर्बानी का पके हुए मांस का एक हिस्सा त्योहार के दौरान गरीबों और जरूरतमंदों में बांट दिया जाता है, जबकि बाकी हिस्सा परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों के लिए रखा जाता है. बकरीद का त्योहार अल्लाह को अपनी सबसे अजीज चीज की कुर्बानी देने के रूप में माने जाता है.

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बकरीद के दौरान, किसी भी समय सूर्य पूरी तरह से उगने से ठीक पहले जुहर समय (दिन की चौथी प्रार्थना) के बाद प्रार्थना की जा सकती है. इस साल, कोरोनोवायरस महामारी के कारण देश के कई हिस्सों में बकरीद के त्योहार की रौनक थोड़ी फीकी पड़ सकती है. कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से अहमदाबाद में, सार्वजनिक स्थानों पर पशु बलि या शहर में पशु जुलूसों को प्रतिबंधित किया गया है.

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Shashwat

शशवत News4Social के वरिष्ठ संवाददाता हैं। वे राष्ट्रीय घटनाक्रम, ताज़ा समाचार और सामान्य ज्ञान से जुड़े विषयों पर लिखते हैं, और जटिल जानकारी को सरल व तथ्यपरक भाषा में पाठकों तक पहुँचाने पर ज़ोर देते हैं। सभी लेख देखें →

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