मंगलवार, 11 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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मध्य प्रदेश: दुर्लभ कछुओं की अंतरराष्ट्रीय तस्करी में शामिल दो दोषियों की सज़ा बरकरार, जेल में रहेंगे

मध्य प्रदेश में विलुप्तप्राय रेड-क्राउंड रूफ कछुओं की अंतरराष्ट्रीय तस्करी से जुड़े एक पुराने मामले में दो दोषियों को कोई राहत नहीं मिली है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सागर के अपर सत्र न्यायालय ने…

मध्य प्रदेश: दुर्लभ कछुओं की अंतरराष्ट्रीय तस्करी में शामिल दो दोषियों की सज़ा बरकरार, जेल में रहेंगे
(फोटो: IANS)

मध्य प्रदेश में विलुप्तप्राय रेड-क्राउंड रूफ कछुओं की अंतरराष्ट्रीय तस्करी से जुड़े एक पुराने मामले में दो दोषियों को कोई राहत नहीं मिली है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सागर के अपर सत्र न्यायालय ने शेखर दास और मोहम्मद सुल्तान की अपील खारिज करते हुए उनकी तीन साल की सश्रम कारावास की सज़ा को बरकरार रखा है।

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न्यायालय ने निचली अदालत के फैसले को सही ठहराते हुए दोनों दोषियों को सज़ा काटने के लिए केंद्रीय जेल सागर भेजने का आदेश जारी किया है। सज़ा के अलावा, दोनों पर लगाया गया 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी कायम रहेगा।

क्या था पूरा मामला?

यह मामला साल 2017 का है, जब मध्य प्रदेश की स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (STSF) और वन विभाग की एक संयुक्त टीम ने एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया था। यह गिरोह राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य से दुर्लभ लाल तिलकधारी कछुओं और पैंगोलिन की खाल की तस्करी करता था। जांच में सामने आया था कि आरोपी एक अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का हिस्सा थे, जो इन वन्यजीवों को चंबल नदी से इकट्ठा कर कोलकाता के रास्ते भारत-बांग्लादेश सीमा के पार विदेशों में भेजता था।

पहले भी हो चुकी थी सज़ा

STSF द्वारा पेश किए गए सबूतों और जांच रिपोर्ट के आधार पर, सागर की एक विशेष अदालत ने 29 मार्च 2022 को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के उल्लंघन के लिए दोनों को दोषी पाया था। तब उन्हें 3 साल के सश्रम कारावास और 10-10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई थी, जिसके खिलाफ उन्होंने ऊपरी अदालत में अपील दायर की थी।

अपीलीय न्यायालय ने STSF की जांच और सबूतों को तथ्यात्मक और पुख्ता मानते हुए कहा कि विशेष न्यायालय के फैसले में कोई कानूनी खामी नहीं है, जिसके बाद दोषियों की अपील खारिज कर दी गई। जांच में यह भी पता चला था कि यह गिरोह वन्यजीव तस्करी के साथ-साथ हवाला के जरिए अवैध वित्तीय लेनदेन का नेटवर्क भी चला रहा था।

इनपुट: IANS

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News4Social मध्य प्रदेश डेस्क

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