रेणुकास्वामी मर्डर: गवाह को धमकाने के मामले में दो उद्योगपति गिरफ्तार, एक प्रभावशाली महिला की भूमिका भी जांच के घेरे में
बहुचर्चित रेणुकास्वामी हत्याकांड में एक अहम गवाह को धमकाने के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। कर्नाटक पुलिस ने इस सिलसिले में दो उद्योगपतियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक प्रभावशाली महिला की भूमिका की…
बहुचर्चित रेणुकास्वामी हत्याकांड में एक अहम गवाह को धमकाने के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। कर्नाटक पुलिस ने इस सिलसिले में दो उद्योगपतियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक प्रभावशाली महिला की भूमिका की भी जांच की जा रही है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में गवाह संख्या 49 संदीप को अपहरण करने और जान से मारने की धमकी दी गई थी, जिसका मकसद उन्हें गवाही देने से रोकना हो सकता है।
पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तार किए गए दो उद्योगपतियों की पहचान किरण और गौरव के रूप में की है। आरोप है कि इन्होंने ही संदीप को धमकाने की साजिश रची थी। संदीप एक बार में कैशियर के तौर पर काम करते हैं। उन्हें कथित तौर पर जबरन एक कार में बिठाकर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई थी, जिसके बाद कामाक्षीपाल्या पुलिस ने एक अलग मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच में फोरेंसिक रिपोर्ट से मिले अहम सुराग
इस मामले की जांच तब तेज हुई जब पुलिस ने पहले से गिरफ्तार आरोपी पुनीत का मोबाइल फोन जब्त किया। फोरेंसिक जांच (FSL) रिपोर्ट से पता चला कि जब संदीप को धमकाया जा रहा था, उस वक्त किरण और गौरव कॉन्फ्रेंस कॉल पर पुनीत से जुड़े हुए थे। जांचकर्ताओं का मानना है कि इन दोनों उद्योगपतियों ने संदीप को डराने और ब्लैकमेल करने के लिए पुनीत का इस्तेमाल किया।
इस धमकी कांड में पुलिस ने पहले तीन मुख्य आरोपियों पुनीत, सुहास और वेणु को गिरफ्तार किया था। पुनीत के मोबाइल से मिले व्हाट्सएप डेटा और अन्य डिजिटल सबूतों ने जांच में अहम भूमिका निभाई, जिससे उद्योगपतियों और अन्य लोगों के बीच के संवाद को स्थापित करने में मदद मिली।
एक प्रभावशाली महिला की संदिग्ध भूमिका
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस मामले में एक प्रभावशाली महिला की संलिप्तता की भी जांच हो रही है। बताया जा रहा है कि किरण और गौरव के संपर्क करने से पहले, इस महिला ने ही आरोपी पुनीत से संपर्क साधा था। उसने पुनीत को उद्योगपतियों द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का पालन करने के लिए कहा था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस पूरी साजिश के पीछे का असली मकसद क्या था और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं। फिलहाल, आगे की कार्रवाई तय करने के लिए फोरेंसिक रिपोर्ट का विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है।
इनपुट: IANS



