KGMU- बच्ची की जांच के लिए भटक रहा मजबूर पिता: 3 बार काउंटर से लौटाया; सैंपल जमा नहीं किया, बोले- जिसके करनी हो कर दो शिकायत – Lucknow News h3>
बेटी का ब्लड सैंपल लेकर खड़े माइक्रोबायोलॉजी विभाग के बाहर खड़े पिता श्रीकांत और मामा हिमांशु।
किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) में अव्यवस्था मरीजों पर भारी पड़ रही है। बलरामपुर अस्पताल से खून की जांच कराने पहुंचे परिजनों को बिना जांच के ही तीन बार वापस लौटना पड़ा। आरोप है कि KGMU में उनके मरीज के खून की जांच का नमूना तब तक नहीं लिया ग
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ये था पूरा मामला
अमेठी के संग्राम गढ़ निवासी श्रीकांत कहते है कि बच्ची को पीलिया होने के बाद गंभीर हालत में बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया था वहां इलाज के दौरान डॉक्टर ने जांच लिखा जांच का सैंपल लेकर उसे जमा करने KGMU आए पर यहां कोई सुनवाई नहीं हो रही। कई घंटे से परेशान है, पर काउंटर पर बैठे लोग कुछ भी सुनने को तैयार है।
सुबह से लेकर दोपहर तक बलरामपुर अस्पताल से KGMU के तीन चक्कर लगा चुके है। पर सैंपल जमा करने को तैयार नहीं हो रहे। जब सैंपल जमा करेंगे तो जांच कैसे होगी और फिर रिपोर्ट कैसे आएगी और इसके बिना फिर सही से इलाज नहीं हो पाएगा।
मामा बोले- पर्चे में डबल मुहर पर नहीं जमा किया सैंपल
बच्ची के मामा हिमांशु ने बताया कि 5 साल की नन्ही भांजी का बलरामपुर अस्पताल से इलाज चल रहा है, इस दौरान खून की कुछ जांचों के लिए KGMU भेजा गया, लेकिन KGMU में बड़ी पैथोलॉजी पर खून का नमूना जमा नहीं हो पाया। वहां काउंटर पर मौजूद कर्मचारियों का कहना था कि जिस पर्चे पर मोहर लगी है,इस तरह का फार्मेट KGMU में स्वीकार्य नहीं है।
हिमांशु ने बताया कि केवल पर्चे के फार्मेट के लिए तीन बार बलरामपुर जाना पड़ा। दोनों पर्चे पर डबल मुहर लगाई फिर भी KGMU में काउंटर में बैठे लोग मानने को तैयार नहीं है। अब इससे ज्यादा क्या कर सकते है। जब दोनों ही सरकारी संस्थान है, तो ऐसे में ये समस्या नहीं होनी चाहिए। मैंने जब उनसे कहा कि इसकी शिकायत करेंगे, तो काउंटर पर बैठा व्यक्ति बोला- जिससे कहना है शिकायत कर दो, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।
सीनियर डॉक्टर के कहने पर हुई जांच
कई घंटे इंतजार बाद जब कही कोई सुनवाई नहीं हुई, तब किसी तरह परेशान परिजनों ने बलरामपुर अस्पताल के सीनियर डॉक्टर से बात की। वरिष्ठ चिकित्सक के हस्तक्षेप के बाद भी परिजनों से ब्लड सैंपल लेने को तैयार हुए। परिजनों को रिपोर्ट बुधवार को मिलने की बात कही गई है।
सरकारी अस्पतालों से जांच के लिए सैंपल भेजे जाते है
लखनऊ के तमाम सरकारी अस्पतालों में माइक्रोबायोलॉजी और पैथोलॉजी की कुछ जांचें स्थानीय स्तर में अस्पताल में नहीं हो पाती है। ऐसे मामलों में अस्पताल के पैथोलॉजी से ब्लड सैंपल लेकर KGMU के पैथोलॉजी विभाग की लैब में भेजा जाता है। वहां पर विभाग के बलरामपुर अस्पताल में नहीं हो पाती हैं, ऐसे में उन जांचों के लिए मरीज का सैंपल KGMU भेजा जाता है। आम तौर पर मरीज के परिजन या तीमारदार ही सैंपल जमा करने के लिए आते है।
जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ होगी कार्रवाई
KGMU के प्रवक्ता डॉ.केके सिंह ने कहा कि इस तरह के मामले की जानकारी नहीं है, लेकिन कोई निर्धारित फार्मेट की आवश्यकता जांच के लिए नहीं होती है, केवल सरकारी अस्पताल के चिकित्सक की मोहर ही पर्चे पर मान्य है। इस मामले में जांच कराई जाएगी और उसके बाद यदि कोई दोषी मिलेगा तो उसके खिलाफ जांच होगी।



