कर्नाटक: मंत्रिमंडल विस्तार में 20 नए मंत्रियों ने ली शपथ, आखिरी क्षणों में बदलाव से पार्टी में नाराजगी
कर्नाटक में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली सरकार का विस्तार हो गया है। सोमवार को बेंगलुरु में आयोजित एक समारोह में 20 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली, जिन्हें राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने पद…
कर्नाटक में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली सरकार का विस्तार हो गया है। सोमवार को बेंगलुरु में आयोजित एक समारोह में 20 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली, जिन्हें राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस कैबिनेट विस्तार से ठीक पहले सूची में किए गए आखिरी मिनट के बदलावों ने कांग्रेस पार्टी के भीतर असंतोष पैदा कर दिया है।
शपथ ग्रहण समारोह से कुछ ही समय पहले, कांग्रेस आलाकमान ने मनकल एस. वैद्य का नाम हटाकर उनकी जगह पूर्व मंत्री और वरिष्ठ लिंगायत नेता एसएस मल्लिकार्जुन को सूची में शामिल कर लिया। माना जा रहा है कि यह कदम मंत्रिमंडल में क्षेत्रीय और सामुदायिक संतुलन को बेहतर बनाने के लिए उठाया गया था। हालांकि, इस फेरबदल से कई विधायक नाराज हो गए।
नए मंत्रियों की सूची
जिन विधायकों को मंत्री बनाया गया है उनमें एचसी बालकृष्ण (मागाड़ी), केएस बसवंथप्पा (मायाकोंडा), डॉ. अजय सिंह (जेवर्गी), एन. चालुवरयास्वामी (नागमंगल), बसवराज रायरेड्डी (एलाबुर्गा), लक्ष्मण सावदी और मधु बंगारप्पा (सोराब) शामिल हैं।
इनके अलावा पीएम नरेंद्रस्वामी (मलवल्ली), शिवराज तंगदगी (कनकागिरी), रुद्रप्पा लमानी (हावेरी), बी. नागेंद्र (बल्लारी ग्रामीण), टी. रघूमूर्ति (चालाकेरे), बीजेड जमीर अहमद खान (चामराजपेट), रिजवान अरशद (शिवाजीनगर), संतोष लाड (कलघटगी), पुत्तरंगाशेट्टी (चामराजनगर), केएम शिवलिंगे गौड़ा (अरासिकेरे), गायत्री शांतेगौड़ा (एमएलसी) और विजयानंद काशप्पनवर (बागलकोट) ने भी शपथ ली।
सूची में बदलाव पर असंतोष
अंतिम समय में हुए बदलावों के बाद कुछ विधायकों ने सार्वजनिक रूप से अपनी निराशा व्यक्त की है। इंडी के विधायक यशवंत रायगौड़ा पाटिल ने कहा कि उन्हें आखिरी समय तक मंत्री पद का आश्वासन दिया गया था, लेकिन उनका नाम सूची से हटा दिया गया। उन्होंने इसे 'बड़ी साजिश' बताते हुए कहा कि वे अपना इस्तीफा तैयार कर चुके हैं और विधानसभा अध्यक्ष को सौंप देंगे। पाटिल ने दुख जताया कि आजादी के बाद से उनके निर्वाचन क्षेत्र को कभी भी मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। इस घटनाक्रम के कारण कुछ समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन भी किया।
इनपुट: IANS



