मध्य प्रदेश: जबलपुर-भोपाल-इंदौर कॉरिडोर के लिए 100 करोड़ की पूंजी से बनी कंपनी, CM होंगे अध्यक्ष
मध्य प्रदेश के औद्योगिक विकास को गति देने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की कैबिनेट ने जबलपुर-भोपाल-इंदौर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजना के क्रियान्वयन के लिए एक विशेष…
मध्य प्रदेश के औद्योगिक विकास को गति देने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की कैबिनेट ने जबलपुर-भोपाल-इंदौर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजना के क्रियान्वयन के लिए एक विशेष कंपनी बनाने का फैसला किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह कंपनी पूरी तरह से राज्य सरकार के स्वामित्व में होगी और इसके लिए 100 करोड़ रुपये की राशि भी उपलब्ध कराई गई है।
यह महत्वाकांक्षी कॉरिडोर जबलपुर से शुरू होकर भोपाल के रास्ते प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर तक जाएगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि इसका उद्देश्य सिर्फ सड़क बनाना नहीं, बल्कि पूरे महाकौशल क्षेत्र को एक नई औद्योगिक ताकत देना है। परियोजना के तेज और समन्वित क्रियान्वयन के लिए कंपनी की गवर्निंग काउंसिल की अध्यक्षता खुद मुख्यमंत्री करेंगे।
निवेश और रोजगार का लक्ष्य
सरकार ने इस कॉरिडोर से बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार पैदा होने का अनुमान लगाया है। मुख्यमंत्री यादव के अनुसार, मार्च 2028 तक इस परियोजना में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित होने की उम्मीद है। इससे करीब एक लाख लोगों को प्रत्यक्ष और दो लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिल सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि अगले तीन वर्षों में निवेश का आंकड़ा तीन लाख करोड़ रुपये और रोजगार के अवसर छह लाख से अधिक हो सकते हैं।
विकास की योजना और संभावनाएं
परियोजना के पहले चरण में 3,000 से 10,000 एकड़ तक भूमि विकसित करने की योजना है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि जबलपुर, नरसिंहपुर से लेकर रायसेन तक का क्षेत्र औद्योगिक विकास की अपार संभावनाओं से भरा है। यहाँ पर्यटन, खनन, कृषि और भारी उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल है। साथ ही, सड़क, बिजली, पानी और विमानन जैसी बुनियादी सुविधाएं पहले से ही उपलब्ध हैं, जो नए उद्योगों की स्थापना में मददगार साबित होंगी। यह कॉरिडोर क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को विस्तार देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इनपुट: IANS



